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झारखंड: नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, मुठभेड़ में मारे गए 17 नक्सली

 

पश्चिमी सिंहभूम, 24 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देशन में झारखंड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान-सारंडा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में कुल 17 नक्सली मारे गए हैं।

मारे गए नक्सलियों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का शीर्ष नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी समेत कई बड़े और इनामी नक्सली शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, नक्सली संगठन के शीर्ष नेता अनल और अनमोल अपने दस्ता सदस्यों के साथ छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडीह और बहदा गांव के आसपास के जंगली और पहाड़ी इलाकों में किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे। इस संबंध में सटीक खुफिया सूचना मिलने पर झारखंड पुलिस और कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम गठित कर विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान 22 और 23 जनवरी को कई बार सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई।

मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी की, जबकि सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए साहस और संयम का परिचय दिया। मुठभेड़ के बाद सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सघन सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें अब तक 17 नक्सलियों के शव, भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।

मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ रुपए से अधिक का इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख का इनामी अनमोल उर्फ सुशांत, 15 लाख का इनामी अमित मुंडा, पिंटू लोहड़ा, लालजीत उर्फ लालु, समीर सोरेन, रापा उर्फ पावेल सहित कई एसीएम और कैडर स्तर के नक्सली शामिल हैं। बरामद हथियारों में ऐके/ऐकेएम राइफल, इंसास राइफल, .303 राइफल, बड़ी संख्या में कारतूस और अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल उन्मूलन के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में 183 नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि इससे पहले मुठभेड़ों में 11 नक्सली मारे जा चुके थे। ताजा मुठभेड़ में 17 नक्सलियों के मारे जाने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है और आने वाले समय में सारंडा क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

झारखंड पुलिस ने नक्सली गतिविधियों में शामिल लोगों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी