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'झारखंड में शराब घोटाले की सीबीआई जांच हो', बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से की मांग

 

रांची, 31 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड में भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर राज्य में कथित 750 करोड़ रुपए से अधिक के शराब घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य के उत्पाद विभाग से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भूमिका संदिग्ध रही है। एजेंसी ने निष्पक्ष जांच के बजाय आरोपियों को बचाने का काम किया है।

उन्होंने दावा किया है कि साल 2022 में उत्पाद नीति में बदलाव के जरिए एक सिंडिकेट को लाभ पहुंचाया गया, जिससे राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हुआ। प्रारंभ में 38 करोड़ रुपए का आंका गया। यह घोटाला अब बढ़कर 750 करोड़ रुपए से अधिक का हो चुका है।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले में कुछ गिरफ्तारियां जरूर कीं, लेकिन समय पर आरोप-पत्र दाखिल नहीं कर आरोपियों को कानूनी राहत दिलाने का रास्ता भी खुला छोड़ दिया।

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मई 2025 में तत्कालीन उत्पाद सचिव आईएएस विनय कुमार चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद भी 90 दिनों की वैधानिक अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के कारण अधिकांश आरोपियों को ‘डिफॉल्ट बेल’ मिल गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 8 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एसीबी एक भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है, जिसके चलते इस घोटाले में गिरफ्तार किए गए 17 में से 14 आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके हैं।

मरांडी ने इसे जांच एजेंसी की लापरवाही या मिलीभगत करार दिया। ज्ञापन में उन्होंने छत्तीसगढ़ के एक शराब कारोबारी के मामले का भी जिक्र किया, जो गिरफ्तारी के बाद फरार हो गया और अब तक पकड़ा नहीं जा सका है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर एसीबी को शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दें और पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा करें, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और जनता का विश्वास बहाल हो।

--आईएएनएस

एसएनसी/एसके