झारखंड में सैन्य सेवा और बलिदान की गौरवशाली परंपरा रही है: उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को झारखंड के देवघर में आयोजित सैन्य संपर्क मेला—सदैव आपके साथ का दौरा किया। यह मेला भारतीय सेना द्वारा देवघर जिला प्रशासन के सहयोग से संथाल परगना क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को कल्याणकारी सेवाएं और शिकायत निवारण सुविधाएं प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था।
सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र के लिए अमूल्य बलिदानों और योगदानों के लिए पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सैनिकों को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधन बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका अनुभव युवाओं का मार्गदर्शन कर सकता है और उनका नेतृत्व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। वीर नारियों को सलाम करते हुए उन्होंने कहा कि सीमा पर सेवारत प्रत्येक सैनिक के पीछे एक परिवार होता है जो सैन्य सेवा के बलिदानों और जिम्मेदारियों को साझा करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र सैनिकों और उनके परिवारों द्वारा किए गए बलिदानों को कभी नहीं भूल सकता।
झारखंड के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र सेवा की राज्य की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित लांस नायक अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि अर्पित की और भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू और कान्हू तथा नीलंबर और पीतांबर जैसे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की भावना झारखंड के लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'एक रैंक, एक पेंशन' की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति पर प्रकाश डाला और पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया। मेले में मौजूद एकल-खिड़की व्यवस्था की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पेंशन संबंधी सहायता, चिकित्सा सुविधाएं, दस्तावेजीकरण सेवाएं और शिकायत निवारण को एक ही मंच पर लाना अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाने का एक सार्थक उदाहरण है।
समन्वित सार्वजनिक सेवा के महत्व पर जोर देते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सशस्त्र बलों, नागरिक प्रशासन, वित्तीय संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और कल्याणकारी एजेंसियों की भागीदारी राष्ट्र की सेवा करने वालों की सेवा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने “सदैव आपके साथ” (हमेशा आपके साथ) के नारे को एक सतत राष्ट्रीय प्रतिबद्धता बनाने का आह्वान किया, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हमेशा सम्मान, समर्थन और देखभाल मिलती रहे।
इस यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति ने सैन्य संपर्क मेले में विभिन्न स्टालों का दौरा किया, जिनमें हथियार और सैन्य उपकरण, आपदा राहत सुविधाएं, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) सेवाएं, चिकित्सा जांच और रक्तदान शिविर, महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, एनसीसी गतिविधियां और पेंशन संबंधी सेवाएं शामिल थीं। उन्होंने मेले में आए पूर्व सैनिकों, लाभार्थियों और अन्य लोगों से भी बातचीत की।
उपराष्ट्रपति ने इस पहल के आयोजन के लिए भारतीय सेना और देवघर जिला प्रशासन को बधाई दी और सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सशस्त्र बलों के कल्याण में योगदान देने वाले सभी संस्थानों और एजेंसियों को भी धन्यवाद दिया।
इस कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, संसद सदस्य डॉ. निशिकांत दुबे और आदित्य साहू, 111 क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की अध्यक्ष अनामिका गौतम, और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, नागरिक प्रशासन के अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
--आईएएनएस
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