झारखंड के धनबाद में कानून व्यवस्था ध्वस्त, अपराधी-आतंकी-पुलिस गठजोड़ हावी: बाबूलाल मरांडी
धनबाद, 12 मई (आईएएनएस)। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मंगलवार को धनबाद में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सरकार पर अपराधियों और माफिया को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की कानून व्यवस्था केवल बिगड़ी नहीं है, बल्कि इसे सोची-समझी रणनीति के तहत 'बिगाड़ा' गया है। उन्होंने दावा किया कि धनबाद में अपराधी, आतंकी और पुलिस गठजोड़ के कारण कारोबारियों से लेकर आम आदमी तक दहशत में जी रहा है। इस गठजोड़ के पर्दाफाश के लिए एनआईए की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "जब दागी अफसरों को जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित किया जाएगा तो बेहतर कानून व्यवस्था की उम्मीद कैसे की जा सकती है?" उन्होंने धनबाद की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां वर्दीधारी और बिना वर्दी वाले गुंडों के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील पहलुओं को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धनबाद में पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते अवैध हथियारों की सप्लाई हो रही है। उन्होंने गैंगस्टर प्रिंस खान के वीडियो और शूटर उपलब्ध कराने वाले राहुल सिंह को कथित तौर पर बॉडीगार्ड और आर्म्स लाइसेंस दिए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच एनआईए को सौंपी जानी चाहिए, क्योंकि हेमंत सरकार के बस की यह बात नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि शराब घोटाले में गिरफ्तार 17-18 आरोपियों को पुलिस की लापरवाही और चार्जशीट दाखिल न होने के कारण 'बाय डिफॉल्ट' बेल मिल गई।
उन्होंने एसीबी प्रमुख और डीजीपी की नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार नियमों को ताक पर रखकर चहेते और विवादित अफसरों को सेवा विस्तार दे रही है, जिससे शासन की विश्वसनीयता खत्म हो गई है। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी तय करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। इस प्रेस वार्ता के दौरान धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो भी उपस्थित थे।
--आईएएनएस
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