झारखंडः जेएसएससी-सीजीएल गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने चार और अभ्यर्थियों को किया गिरफ्तार
रांची, 28 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल)-2023 परीक्षा में हुई अनियमितताओं से जुड़े केस में सीआईडी की विशेष जांच टीम ने शुक्रवार को चार और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया।
वहीं, मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों, सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार, को एजेंसी ने पूछताछ के लिए पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों में धनबाद का नावाडीह निवासी दीपक कुमार, इसी जिले का राजगंज निवासी विजय कुमार तिवारी, सुदामडीह निवासी आनंद कुमार सिंह, और बोकारो का उमेश कुमार राय शामिल हैं।
मामले की जांच के दौरान सीआईडी की टीम ने गुरुवार देर रात गिरिडीह जिले के बेंगाबाद में भी छापेमारी की थी। टीम ने बेंगाबाद चौक स्थित एक मिठाई की दुकान से सीजीएल परीक्षा में सफल होकर एएसओ के पद पर कार्यरत समीर उर्फ शालू को पकड़ा। बताया जा रहा है कि समीर छुट्टी पर रांची से बेंगाबाद गया था। सीआईडी की टीम ने समीर के घर पर भी तलाशी ली।
इस दौरान कुछ सामान और मोबाइल फोन जब्त किए जाने की जानकारी है। जांच एजेंसी इन सामान और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बेंगाबाद कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी का ससुराल बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हातबोड़ गांव में बताया जाता है।
आरोप है कि उसके संपर्क के जरिए बेंगाबाद और आसपास के कुछ युवकों को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तौर पर लाभ पहुंचाकर नौकरी दिलाने की कोशिश की गई। सीआईडी की टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों और कथित पेपर लीक नेटवर्क के बीच कोई सीधा संपर्क था या नहीं।
इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। गुरुवार को गिरफ्तार किए गए सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर सीआईडी उनसे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी पेपर लीक की पूरी कड़ी, अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर प्रश्नपत्र पहुंचने और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों और संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना है।
--आईएएनएस
एसएनसी/डीएससी