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लापता युवती के मामले में नरकंकाल के डीएनए जांच में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

 

रांची, 8 जून (आईएएनएस)। झारखंड के बोकारो जिले से लापता 18 वर्षीय छात्रा पुष्पा कुमारी महतो मामले में डीएनए जांच में हो रही देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को चिंता जताई। अदालत ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि जांच प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है और यदि डीएनए परीक्षण में और समय लगेगा तो उसके लिए ठोस कारण प्रस्तुत किए जाएं।

न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति प्रदीप श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस की ओर से बरामद किए गए जिस नरकंकाल के बारे में दावा किया गया है कि वह पुष्पा महतो का है, उसका डीएनए परीक्षण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि कंकाल को रांची स्थित रिम्स भेजे जाने के दौरान उसमें एक रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, जिसके कारण वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है और जांच में विलंब हो रहा है।

इस पर अदालत ने सवाल उठाते हुए जानना चाहा कि कंकाल में ऐसे रसायन का उपयोग किस परिस्थिति में और किस उद्देश्य से किया गया। खंडपीठ ने कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी का समुचित कारण रिकॉर्ड पर लाया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी, बोकारो के पुलिस अधीक्षक तथा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) के प्रमुख अदालत में उपस्थित रहे। अदालत ने आईजी और एसपी को अगली सुनवाई से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी, जबकि एसआईटी प्रमुख को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

उल्लेखनीय है कि बोकारो जिले की रहने वाली पुष्पा कुमारी महतो अगस्त 2025 से लापता है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर एक कंकाल बरामद किया था। मृतका के परिजनों और याचिकाकर्ता पक्ष ने आशंका जताई थी कि बरामद कंकाल पुष्पा का नहीं हो सकता। इसी वर्ष अप्रैल में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कंकाल का डीएनए परीक्षण कराने का आदेश दिया था और जांच की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम