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झारखंड: हाथियों ने कोडरमा में महुआ चुन रही महिला को कुचला, चार दिनों में तीन की मौत

 

कोडरमा, 29 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामु हरलाडीह गांव में रविवार तड़के हाथियों ने एक 55 वर्षीय महिला सीता देवी को कुचलकर मार डाला। वह अहले सुबह अपने घर से महुआ चुनने निकली थीं, तब हाथियों ने उन्हें निशाना बनाया।

जिले में पिछले चार दिनों के भीतर हाथी के हमले में तीन लोगों की जान चली गई है। रविवार सुबह हुई घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के रेंजर रविंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की।

सरकारी प्रावधान के अनुसार, शेष 3.75 लाख रुपये का मुआवजा कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिया जाएगा। जिले के झरीटांड और ढेबुआडीह जैसे ग्रामीण इलाकों में हाथियों ने पिछले तीन-चार दिनों में कई मवेशियों को मार डाला है और गौशालाओं को तहस-नहस कर दिया है। कोडरमा के मरियमपुर और बोनाकाली इलाकों में हुई हालिया मौतों के बाद अब ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों का झुंड से बिछड़ना और रिहायशी इलाकों में भोजन की तलाश में आना इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि संसाधनों की कमी के कारण वन विभाग हाथियों को नियंत्रित करने में विफल साबित हो रहा है। इससे पहले पिछले माह हजारीबाग के चुरचू प्रखंड स्थित गोंदवार गांव में भी हाथियों के झुंड ने आधी रात को हमला कर एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत छह लोगों को मौत की नींद सुला दिया था।

उस घटना में हाथियों ने कच्चे मकानों को ध्वस्त कर सोते हुए लोगों को कुचल डाला था, जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में हाथियों के हमले की भयावहता बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में मात्र 45 दिनों के भीतर हाथियों के कारण 25 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। फिलहाल, कोडरमा प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और लोगों को अकेले जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है। वन विभाग की टीमें हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही हैं, ताकि उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ा जा सके।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएस