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झारखंडः चाईबासा में घर में घुसकर पूर्व उपमुखिया की हत्या का खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच गिरफ्तार

 

चाईबासा, 5 जून (आईएएनएस)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में पूर्व उपमुखिया संजय बोयपोई की गोली मारकर की गई हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्या के मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। चक्रधरपुर के एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश सोय (20), कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा (31), गुने हिन्दु अंगरिया उर्फ मोटा (22), बुधू बोदरा (27) और बिजू चौधरी (31) शामिल हैं। इनमें बिजू चौधरी को हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, 1 जून की रात करीब 12:10 बजे चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के गुईगांव निवासी और पूर्व उपमुखिया संजय बोयपोई अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अपराधी घर में घुसे और उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल संजय बोयपोई की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर एएसपी सह एसडीपीओ चक्रधरपुर और थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन मदद से जांच शुरू की। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि मृतक संजय बोयपोई और आरोपी बिजू चौधरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद और आपसी रंजिश चल रही थी।

पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते बिजू चौधरी ने अन्य आरोपियों की मदद से हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिलाया। एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच दल में चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, एसआई परमेश्वर उरांव, रंजीत उरांव, राजकिशोर तिवारी, बिरबल चौबे, दिलीप कुमार, शशिभूषण सामड, तकनीकी शाखा के चंद्रशेखर और गंगाराम पुरती समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी