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झारखंडः 60 मामलों में वांटेड पीएलएफआई चीफ अमृत होरो गिरफ्तार

 

रांची, 29 मई (आईएएनएस)। झारखंड पुलिस ने दावा किया है कि राज्य में पिछले डेढ़ दशक से रंगदारी, हत्या, आगजनी, अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैलाने वाले प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के चीफ 10 लाख के इनामी अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या की गिरफ्तारी का औपचारिक ऐलान किया।

एसएसपी ने बताया कि अमृत होरो पिछले 16 वर्षों से सक्रिय था और रांची, खूंटी, लोहरदगा तथा गुमला समेत कई जिलों में उग्रवादी संगठन का नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी और आर्म्स एक्ट सहित 60 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हुए हैं।

उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो अपने साथियों के साथ लापुंग थाना क्षेत्र के महगांव जंगल में किसी बड़ी उग्रवादी घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना के सत्यापन के बाद ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर इलाके में घेराबंदी की गई। देर रात चलाए गए अभियान में पुलिस ने हथियार और जिंदा कारतूस के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में अमृत होरो ने स्वीकार किया है कि वह पीएलएफआई का स्टेट चीफ है। एसएसपी के अनुसार संगठन के सदस्य फोन और सोशल मीडिया ऐप के जरिए व्यापारियों, ठेकेदारों और कारोबारियों को जान से मारने की धमकी देकर लेवी वसूलते थे। कई सरकारी और निजी परियोजनाओं में भी संगठन लगातार रंगदारी मांगकर काम प्रभावित कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, अमृत होरो का नाम वर्ष 2023 में लापुंग में राजेश कुमार साहू की हत्या, खूंटी में रेलवे परियोजना से जुड़े ठेकेदारों से 50 लाख रुपये की लेवी मांगने, लोहरदगा में राशन दुकानदार से रंगदारी मांगने और पश्चिमी सिंहभूम में संगठन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई में हत्या जैसे कई मामलों में सामने आया है।

एसएसपी ने कहा कि अमृत होरो की गिरफ्तारी से पीएलएफआई की आर्थिक गतिविधियों और नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों, हथियारों के ठिकानों और लेवी नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी