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जवाहरलाल नेहरू के समय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को सम्मान मिला था: पप्पू यादव

 

पटना, 10 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के संदर्भ में केंद्र सरकार की नीतियों और देश की वर्तमान स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय देश के पास सीमित संसाधन और छोटा बजट था, लेकिन इसके बावजूद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त थी।

सांसद पप्पू यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि आज देश का बजट पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन इसके बाद भी आम नागरिकों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग, नौकरी पेशा लोगों और युवाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उनकी आय और रोजगार की स्थिति देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर पेश करती है। नेहरू के लंबे कार्यकाल में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई और देश को विश्व मंच पर गंभीरता से सुना जाता था।

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि आतंकवाद, काला धन और बेरोजगारी के खिलाफ किए गए कई बड़े वादों के बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। देश से आतंकवाद की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। साथ ही पीएम ने काला धन वापस लाने की बात कही थी; वो भी केवल वादे ही रह गए हैं।

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर भी पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है और विपक्ष को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखना होगा। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाना चाहिए।

वहीं, बिहार सरकार में मंत्री निशांत कुमार को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेताओं की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यदि किसी ने तथ्यात्मक बात कही है तो उसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे जैसे डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतें, शिक्षा और रोजगार जैसी समस्याएं कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। कुछ राजनीतिक दल और नेता जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर अनावश्यक विवादों को हवा देने का प्रयास कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एसएके/डीएससी