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जापान के रक्षा मंत्री ने पीएम मोदी से की मुलाकात, रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर हुई चर्चा

 

नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-जापान रक्षा सहयोग और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2026 में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आईं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ हुई विस्तृत बातचीत को याद किया और भारत-जापान रक्षा सहयोग में लगातार हो रही प्रगति की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने भारत और जापान के बीच विशेष सामरिक एवं वैश्विक साझेदारी (स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप) को और सुदृढ़ बनाने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत-जापान रक्षा और सुरक्षा सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित व्यापक स्तर पर शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पीएम मोदी ने जापान के लिए भारतीय रक्षा क्षेत्र में साझेदारी के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत रक्षा उपकरणों के सह-विकास (को-डेवलपमेंट) और सह-उत्पादन (को-प्रोडक्शन) के लिए जापानी कंपनियां भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम कर सकती हैं।

वहीं, रक्षा मंत्री कोइजुमी ने प्रधानमंत्री को भारत-जापान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की प्रगति से अवगत कराया और भारत के साथ संबंधों को और गहरा करने के लिए जापान सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

इससे पहले, भारत और जापान ने एक कार्य समूह स्थापित करने पर सहमति जताई है। इस कार्य समूह की अध्यक्षता दोनों देशों के महानिदेशक यानी संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। यह कार्य समूह ऑपरेशनल, खुफिया, रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी और रक्षा उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को एक साथ आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने एक संयुक्त बयान इसकी जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि यह समूह दोनों रक्षा मंत्रियों की ओर से तय सहयोग के क्षेत्रों में समग्र समन्वय करेगा। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में तालमेल बढ़ाएगा और परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद करेगा।

--आईएएनएस

डीएससी