जंतर-मंतर पर आरक्षण आंदोलन के पांचवें दिन के प्रदर्शन का वायरल वीडियो फर्जी, दिल्ली पुलिस ने किया खंडन
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार और यूजीसी रोलबैक के समर्थन में कथित तौर पर चल रहे प्रदर्शन से जुड़े वायरल वीडियो को फर्जी और भ्रामक बताया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि 25 अगस्त तक जंतर-मंतर पर इस तरह का कोई प्रदर्शन नहीं चल रहा है और न ही 24 अगस्त के लिए किसी को इसकी अनुमति दी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो, जिसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के पांचवें दिन का दावा किया जा रहा है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, प्रदर्शन, जुलूस और सभा पर प्रतिबंध है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को साझा या प्रसारित न करें। साथ ही चेतावनी दी कि फर्जी खबर बनाने या फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए एक अकाउंट ने दावा किया था कि जंतर-मंतर पर "आरक्षण हटाओ आंदोलन" और "यूजीसी रोलबैक" को लेकर पांचवें दिन का प्रदर्शन जारी है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि एक व्यक्ति खुद को जंजीरों से बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है और आंदोलन को लेकर लोगों में सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गुस्सा है।
दिल्ली पुलिस ने इन सभी दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं हो रहा है और वायरल वीडियो के दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
--आईएएनएस
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