जनता ने अपना मन बना लिया है, भ्रष्ट टीएमसी सरकार को करारा जवाब देगी: जेपी नड्डा
बर्धमान, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल के बर्धमान में कहा कि जिस तरह से महिलाओं को परेशान किया जा रहा है, उसे देखते हुए बंगाल की जनता ने यह तय कर लिया है कि वह भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी और भ्रष्ट टीएमसी सरकार को करारा जवाब देगी। जनता ने अपना मन बना लिया है।
जेपी नड्डा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग समाज के नेता हैं। आप लोग जो बोलेंगे, समाज के लोग उसको मानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं आपसे अपील करना चाहता हूं कि इस बात की चिंता करें कि जो बचे दिन हैं, इन दिनों मेरे संदेश को पूरी तरीके से भाई-बहनों, मोहल्ले और इलाके में पूरी तरह से रखें। लोगों से निवेदन करें कि चुनाव आयोग ने ऐसी व्यवस्था की है कि निडर होकर मतदान करें। यह चुनाव बिल्कुल निष्पक्ष होगा।
उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से बंगाल को बदनाम करने का काम चल रहा है। उससे हमको निजात पाना चाहिए। हम सबको बंगाल का इतिहास पता है, चाहे वो श्री अरविंदो, रविंद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, या बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय हों। उन्होंने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्रांति के लिए पश्चिम बंगाल को जाना जाता है।
वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में कमल खिलेगा। आधा काम तो पहले ही हो चुका है, और बाकी भी पूरा हो जाएगा। हमने पहले चरण में 100 से ज्यादा सीटें पक्की कर ली हैं, और हमें 100 से ज्यादा सीटें और मिलेंगी। सरकार निश्चित रूप से भाजपा की ही बनेगी। उन्होंने कहा कि इस बात की प्रबल आशंका है कि अंतिम चरण में और भी घटनाएं घटित हो सकती हैं। सभी को सतर्क रहना चाहिए, और चुनाव आयोग को भी चौकस रहने की आवश्यकता है।
शिबपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रुद्रनील घोष ने कहा कि उनका (टीएमसी का) मानसिक संतुलन अभी ठीक नहीं है। अभी बहुत ज्यादा गर्मी है, वे नारियल पानी पी सकते हैं, जिससे उनकी सेहत में सुधार हो सकता है। हम उन्हें यह सलाह दे सकते हैं।
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि अब बात यह है कि चुनाव के पहले चरण में वोटिंग का प्रतिशत बढ़ा है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है, इसलिए अब थोड़ी घबराहट है, और इसी वजह से बेतुकी बातें करना कुछ हद तक स्वाभाविक है। ऐसा हर चुनाव में होता है। आप बिहार में भी देख सकते हैं कि पहले चरण के बाद क्या हुआ था?
--आईएएनएस
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