जन्मदिन पर शिवराज सिंह चौहान का संदेश, प्रेम का सबसे बड़ा रूप सेवा
भोपाल, 5 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अपने परिवार के साथ मिलकर अपना जन्मदिन मनाया। इस खास दिन को उन्होंने सिर्फ खुशियों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सार्थक बनाने के लिए पौधरोपण किया। जन्मदिन के मौके पर उन्होंने कहा कि हर साल के बीतने के साथ हमें यह सोचना चाहिए कि अपनी जिंदगी का बचा हुआ समय कैसे सार्थक और उपयोगी बनाया जाए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "जन्मदिन खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है। चारों ओर खुशियां होती हैं, लेकिन जब मैं अपने जन्मदिन के बारे में सोचता हूं, तो मेरे मन में एक ख्याल आता है कि जिंदगी का एक और साल बीत गया और जो बची हुई जिंदगी है उसका कैसे सार्थक उपयोग करें।" उनका यह भी मानना है कि जन्मदिन हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लेने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि हम सबमें एक ही चेतना है। मनुष्य मात्र ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी, कीट-पतंगे और पेड़-पौधे भी उसी चेतना के अंग हैं। इसलिए हमें हर जीव और प्रकृति के प्रति प्रेम और सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हमारे धर्मग्रंथों में लिखा है 'आत्मत सर्व भूतेषु,' यानी सभी प्राणी अपने जैसे हैं। इसी भावना के साथ हमें सबसे प्रेम करना चाहिए और द्वेष, हिंसा या मारकाट से दूर रहना चाहिए।
उनका मानना है कि प्रेम का सबसे बड़ा रूप सेवा में है। जब हम किसी की मदद करते हैं, किसी की सेवा करते हैं, तब हमारा प्रेम वास्तविक रूप में प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि इस जन्मदिन पर उनका संकल्प यही है कि वे हमेशा सेवा और प्रेम की भावना के साथ समाज के लिए काम करें। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारी जिंदगी के लिए कितने जरूरी हैं, इसे आम आदमी भी समझता है। ऑक्सीजन, फल और छाया सब कुछ पेड़ों से ही मिलता है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने छोटे-छोटे पौधे कई साल पहले लगाए थे, जो अब बड़े होकर फल देने लगे हैं। इसी तरह आज भी उन्होंने नए पौधे लगाकर पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया। उनका कहना है कि अगर हर व्यक्ति छोटे-छोटे कदम उठाए और पर्यावरण की सेवा करे, तो हमारी दुनिया और समाज दोनों सुंदर और सुरक्षित बन सकते हैं।
--आईएएनएस
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