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Janmashtami Special: कुरुक्षेत्र की पावन धरा से गुरुग्राम तक, कन्हैया के स्वागत में दुल्हन की तरह सजे हरियाणा के ऐतिहासिक मंदिर

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर शहर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर के अलग-अलग मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों, प्रतिमाओं और विशेष सजावट को अंतिम रूप दिया गया। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, वहीं कारीगर दिनभर झांकियों और प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में जुटे रहे।जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। राजगुरु मार्केट, पटेल नगर मार्केट, आजाद नगर मार्केट और एमसी कॉलोनी समेत शहर के कई बाजारों में कान्हा और राधा रानी की पोशाक, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।

बच्चों के लिए कान्हा-राधा की पोशाक खरीदती नजर आईं महिलाएं

बाजारों में महिलाएं अपने बच्चों के लिए भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की आकर्षक पोशाकें खरीदती नजर आईं। कई दुकानों पर बच्चों को वहीं पोशाक पहनाकर नाप और डिजाइन पसंद किया गया। छोटे बच्चे मुकुट और रंग-बिरंगी पोशाक पहनकर काफी उत्साहित दिखाई दिए।

खरीदारी के दौरान बच्चों ने चॉकलेट और अन्य खाने-पीने की चीजों का भी आनंद लिया। बच्चों को सही नाप की पोशाक पहनाकर पसंद के अनुसार कपड़े चुनने में महिलाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मंदिरों में तैयार हो रही श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां

जवाहर नगर स्थित हनुमान मंदिर में भी जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं। बच्चे और संस्था के सदस्य भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां तैयार करने में जुटे हुए हैं।

वहीं देवी भवन मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिर परिसर में देवी-देवताओं और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

ऋषि नगर स्थित बुधला संत मंदिर में स्कूली बच्चे झांकियों की तैयारी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नृत्य प्रस्तुतियों का अभ्यास करते नजर आए।

धार्मिक उत्सव के साथ संस्कार और सकारात्मकता का संदेश

आयोजकों के अनुसार जन्माष्टमी का उद्देश्य लोगों को श्रीकृष्ण के जीवन-मूल्यों, दिव्य गुणों, आध्यात्मिक संदेश और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। कार्यक्रमों के जरिए बच्चों, युवाओं और परिवारों को मनोरंजन के साथ प्रेम, सद्भाव, सत्य और सकारात्मक सोच का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।

ब्रह्माकुमारीज हिसार सब-जोन प्रभारी बीके रमेश कुमारी दीदी ने कहा कि जन्माष्टमी बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, प्रेम, कर्तव्य, आत्मविश्वास और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी की सार्थकता तभी है, जब लोग भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

झांकियों के साथ VR शो और बच्चों के लिए झूले भी आकर्षण

जन्माष्टमी महोत्सव में लोगों के लिए कई विशेष आकर्षण रखे गए हैं। इनमें श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं पर आधारित झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वीआर शो, सतयुगी दरबार और वैल्यू गेम्स शामिल हैं।

बच्चों के लिए निःशुल्क झूलों की भी व्यवस्था की गई है। आयोजकों का कहना है कि इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

हिसार के इन मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन

जन्माष्टमी के अवसर पर हिसार के कई मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें लाहौरिया श्याम मंदिर, बुधला संत हनुमान मंदिर न्यू ऋषि नगर, श्री सनातन धर्म हनुमान मंदिर नागोरी गेट, प्रयागगिरी शिवालय मंदिर पड़ाव चौक, बगड़ियान मंदिर पड़ाव चौक, हनुमान मंदिर मोती बाजार, शिव मंदिर एमसी कॉलोनी, श्री श्याम मंदिर सेक्टर 16-17, श्री शिव मंदिर सेक्टर 9-11, रानी सती मंदिर, पटेल नगर शिव मंदिर, पटेल नगर दुर्गा मंदिर, विद्युत नगर मंदिर, पीएलए श्री बांके बिहारी मंदिर, ग्रीन पार्क हनुमान मंदिर और जवाहर नगर गली नंबर दो हनुमान मंदिर शामिल हैं।

जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों और बाजारों में तैयारियां पूरी होने के साथ ही शहर का माहौल पूरी तरह कृष्ण भक्ति में रंग गया है।