☰
×

जनधन से डीबीटी तक, पीएम मोदी के छोटे-छोटे कदमों ने रोका भ्रष्टाचार: भाजपा सांसद संदीप पाठक

 

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा सांसद संदीप पाठक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा का पड़ाव है। नरेंद्र मोदी ने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की है।

संदीप पाठक ने कहा कि इन 25 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह अपना जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित किया है, वह सबके सामने है। पीएम मोदी के काम को गुजरात से शुरू करके देखा जा सकता है, जहां कई विकास कार्य हुए। प्रधानमंत्री बनने के बाद डिजिटाइजेशन, किसानों को सक्षम बनाने, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा विज्ञान और तकनीक समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम किया गया।

भाजपा सांसद ने जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय देश में सभी लोगों के पास बैंक खाते नहीं थे। इसके बाद जनधन के माध्यम से बैंक खाते खोले गए और सरकारी लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचने लगे। इससे भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिली और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने कई छोटे लेकिन बुनियादी और रचनात्मक कदम उठाए, जिन्होंने देश को विकसित बनाने की दिशा में योगदान दिया। अब 2047 तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य पर चर्चा हो रही है। देश को आत्मनिर्भर बनाकर सामूहिक प्रयासों के जरिए भारत को विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

एसआईआर को लेकर चल रहे राजनीतिक विरोध पर संदीप पाठक ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां चुनाव जीतने में सफल नहीं हो रही हैं, इसलिए देश में अव्यवस्था और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने संसद में भी एसआईआर के मुद्दे पर अपनी बात रखी है और वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने की प्रक्रिया से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इससे पहले भी ऐसी प्रक्रिया होती रही है और सवाल उठाया कि अगर मतदाता सूची को व्यवस्थित किया जा रहा है तो इसमें आपत्ति क्यों होनी चाहिए।

संदीप पाठक ने हरियाणा में कांग्रेस की हार का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि वह चुनाव क्यों हारी। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर कांग्रेस को नहीं हरा रही है, बल्कि पार्टी की अपनी राजनीतिक कमियां उसकी हार की वजह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस राज्य में कांग्रेस या कोई अन्य विपक्षी पार्टी चुनाव जीतती है, वहां मतदाता सूची को सही बताया जाता है, जबकि हारने पर उसी मतदाता सूची पर सवाल उठाए जाते हैं। एसआईआर से जुड़े आंकड़ों का जिक्र करते हुए पाठक ने कहा कि मतदाता सूची में मृत लोगों, दूसरे स्थानों पर चले गए लोगों, बदले हुए पतों और डुप्लीकेट नामों जैसी जानकारियां दर्ज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इन मामलों का विवरण सामने है तो फिर आपत्ति किस बात पर है।

भाजपा सांसद ने पटियाला में हुए स्थानीय निकाय चुनाव का भी उल्लेख किया। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान हुए पटियाला के स्थानीय निकाय चुनाव को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया और दोबारा चुनाव कराने के लिए कहा। पाठक ने इसे चुनाव में कथित धांधली और वोट चोरी के नैरेटिव के संदर्भ में उदाहरण के तौर पर पेश किया। अगर कहीं चुनाव में गड़बड़ी का उदाहरण देखना है तो पटियाला का मामला सामने है।

इंडिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन को लेकर संदीप पाठक ने कहा कि जिस गठबंधन में वैचारिक तालमेल नहीं हो और पार्टियां केवल जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ आती हों, वह सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दल विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं तो उन्हें अपने मुद्दों पर टिके रहना चाहिए और ईमानदारी से विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। विपक्षी दलों के लिए राजनीतिक अवसर आगे भी आएंगे, लेकिन इस तरह के गठबंधन के जरिए सफलता हासिल नहीं की जा सकती।

--आईएएनएस

पीएसके