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'जन आरोग्य योजना' में धोखाधड़ी के मामले में एसआईटी का गठन, महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने दिया जांच का आदेश

 

मुंबई, 10 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में सामने आए धोखाधड़ी के मामलों की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में आयोजित आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना की संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि नासिक मंडल के आयुक्त प्रवीण गेदाम की अध्यक्षता में बनने वाली एसआईटी में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर, राज्य मंत्री मेघना सकोरे बोरदिकार, विधायक डॉ. राहुल अहेर, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और स्टेट हेल्थ गारंटी सोसायटी के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच स्टेट हेल्थ गारंटी सोसायटी की जांच में लगभग 16 हजार संदिग्ध दावे और सर्जरी चिन्हित की गई हैं। इनमें से करीब 9,500 मामले अकेले नासिक जिले से जुड़े हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर नासिक के पांच अस्पतालों की मान्यता रद्द कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गलत तरीके से प्राप्त सरकारी धन की वसूली भी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक, डेटा विश्लेषण, साइबर जांच और सख्त ऑडिटिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

फडणवीस ने बताया कि सरकार एक 'एडवांस्ड एनालिसिस सिस्टम' के माध्यम से करीब 13 लाख संदिग्ध मामलों की चरणबद्ध जांच करेगी। इस प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स का व्यापक उपयोग किया जाएगा। महाराष्ट्र साइबर पुलिस भी स्वास्थ्य योजनाओं में होने वाली साइबर धोखाधड़ी पर निगरानी रखने और कार्रवाई करने में सक्रिय भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि बड़े उपचार संबंधी दावों का विशेष ऑडिट कराया जाएगा और सभी संदिग्ध मामलों का फोरेंसिक ऑडिट कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा राज्य के प्रत्येक जिले में धोखाधड़ी रोकने के लिए एक समर्पित निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा, जिसे एडवांस्ड डैशबोर्ड सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे संदिग्ध लेनदेन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन कदमों से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता और मजबूत होगी और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ अधिक सुरक्षित, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा। बैठक के दौरान विधायक डॉ. राहुल अहेर ने नासिक जिले में कथित धोखाधड़ी के मामलों का विस्तृत विवरण भी सरकार के समक्ष रखा।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी