जमुई की घटना ने सारी हदें पार कर दी, बिहार में हालात गंभीर : मौलाना रशीदी
नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने बिहार के जमुई में छेड़छाड़ की घटना, हिंदू त्योहारों में मुसलमानों की भागीदारी और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों पर प्रतिक्रिया दी।
जमुई की घटना पर मौलाना रशीदी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, खासकर बिहार में, हालात बहुत गंभीर हैं। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आपको याद होगा कि कुछ दिन पहले ही एक लड़के ने अपनी मां के हाथ-पैर बांधकर पूरी रात यौन शोषण किया था। एक और मामले में, 11 साल की बच्ची के साथ कई लोगों ने पांच दिनों तक रेप किया। ऐसी घटनाएं, खासकर जमुई की घटना, ने सारी हदें पार कर दी हैं।"
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने होली, दीपावली और गरबा जैसे त्योहारों में मुसलमानों के शामिल होने पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "इस्लाम में कुरान साफ तौर पर कहता है कि अल्लाह सबसे बड़े गुनाहों को भी माफ कर सकता है, लेकिन वह 'शिर्क' को माफ नहीं करेगा। शिर्क का मतलब है अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना। होली, दीपावली या गरबा के दौरान, जैसा कि सब कहते हैं, मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा होती है। जब देवी-देवताओं की पूजा होती है, तो ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होना सख्ती से मना है।"
मौलाना ने कहा कि दूसरी बात यह है कि एक मुसलमान वहां क्यों जाए। अगर कोई मुसलमान वहां जाता है, तो उसका ईमान चला जाएगा। उन्होंने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के कथित बयान पर पलटवार करते हुए कहा, "इससे ज्यादा बुरी या घटिया सोच क्या हो सकती है? अब उनकी नजर मुसलमानों की बहनों और बेटियों पर है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं, क्या आप अपनी बहनों और बेटियों को मस्जिद भेज सकते हैं? अगर भेज सकते हैं, तो भेजिए। हम उन्हें अच्छी शिक्षा देंगे, अच्छे संस्कार सिखाएंगे।"
वहीं, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा, "जो भी पार्टी यह दावा करती है कि 'हम भारतीय जनता पार्टी को हराना चाहते हैं', वह असल में भाजपा के साथ ही मिली हुई होती है, चाहे वह कोई भी पार्टी हो। सवाल यह है कि क्या मुसलमान सिर्फ भाजपा को हराने के लिए पैदा हुए हैं?"
उन्होंने कहा कि किसी भी दल को अपनी पार्टी बढ़ाने और कहीं भी चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन, जब मुसलमानों को यह कहकर चुनौती दी जाती है कि उन्हें भाजपा को हराना ही चाहिए, तो यह सोचने की जरूरत है कि मुसलमान बीजेपी को हराने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।
--आईएएनएस
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