जम्मू-कश्मीर: नशे के खिलाफ बारामूला में पुलिस का बड़ा अभियान, जंगली भांग की खेती नष्ट
बारामूला, 17 मई (आईएनएस)। जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने अपना 'नशा-विरोधी अभियान' तेज कर दिया है। इसी क्रम में बारामूला में जंगली भांग को नष्ट करने का एक व्यापक अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को इस अभियान की जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि 'नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान' के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध नशीली खेती के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान को जारी रखते हुए बारामूला पुलिस ने सोचीपोरा और अस्तान मोहल्ला, क्रेरी के इलाकों में जंगली भांग को नष्ट करने का अभियान चलाया है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने खुले इलाकों और आस-पास की जमीन के टुकड़ों पर उगी जंगली भांग के बड़े-बड़े हिस्सों को नष्ट कर दिया। यह अभियान स्थानीय निवासियों और नागरिक समाज के सदस्यों के सक्रिय समर्थन और सहयोग से चलाया गया, जो नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ लड़ाई में बढ़ती जनभागीदारी को दर्शाता है।
यह अभियान बारामूला पुलिस के उन लगातार प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य खासकर युवाओं के बीच नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को बढ़ावा देने वाले हर संभावित स्रोत को खत्म करना है। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत भी की और उनसे सतर्क रहने व अपने इलाकों में अवैध खेती या नशीली दवाओं से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया।
अधिकारियों ने कहा कि बारामूला पुलिस एक नशा-मुक्त समाज बनाने और किसी भी रूप में नशीली दवाओं को बढ़ावा देने में शामिल सभी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराती है।
गौरतलब है कि बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारामूला कस्बे में 'नशा मुक्त जम्मू कश्मीर' अभियान में भाग लिया था। इस दौरान उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि प्रशासन ड्रग तस्करों के हर रुपए, हर संपत्ति और हर फर्जी कंपनी का पीछा करेगा और उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे जो युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने कहा, "मैं विद्यालयों, मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों और गैर सरकारी संगठनों से आग्रह करता हूं कि वे जागरूकता के माध्यम से इस पहल को मजबूत करने के लिए प्रति सप्ताह एक घंटा समर्पित करें। यह एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की तरह काम करते हुए, मादक पदार्थों के जोखिम वाले क्षेत्रों की निगरानी करते हुए उन्हें पूर्णतः नशामुक्त क्षेत्रों में परिवर्तित करके वास्तविक परिणाम देगा।"
--आईएएनएस
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