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जम्मू-कश्मीर : एलजी मनोज सिन्हा ने एसीबी की एपीकेएस ब्रांच का किया उद्घाटन, कहा- 'तेज जांच जरूरी'

 

जम्मू, 8 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जम्मू के सिधरा में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के नए मुख्यालय भवन और अवंतीपोरा में एसीबी की एपीकेएस ब्रांच का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लड़ाई और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि ये दोनों इमारतें महज स्टील, कांच और कंक्रीट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त केंद्र शासित प्रदेश की एक बड़ी घोषणा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर अब साधारण या मामूली चीजों से संतुष्ट नहीं है। अब यह बड़े सपने देखने की हिम्मत करता है और लोगों में यह दृढ़ विश्वास जड़ जमा चुका है कि आगे एक सुनहरा भविष्य है।

उपराज्यपाल सिन्हा ने पिछले 5-6 वर्षों में हुए बड़े बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सिस्टम को पारदर्शी बनाया गया है और इसे पब्लिक सर्विस के लिए समर्पित किया गया है। पूरी मशीनरी अब कुछ खास लोगों के फायदे के लिए नहीं, बल्कि पूरे केंद्र शासित में हर व्यक्ति के लिए काम करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फेसलेस सिस्टम बनाकर सरकारी प्रक्रियाओं से भ्रष्टाचार को खत्म किया गया है, देरी को समाप्त किया गया है और सेवाएं सीधे आम नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने एसीबी अधिकारियों से अपील की कि वे हर फैसला, जांच और अभियोजन को अदालत की जांच में मजबूती से खड़ा रखें। संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल अन्याय उजागर करने, भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने और लोगों का भरोसा जीतने के लिए करें। उपराज्यपाल ने कहा कि तेज जांच जरूरी है, क्योंकि देर से मिलने वाला न्याय न केवल समाज को उसका हक नहीं देता, बल्कि भ्रष्टाचार के मामलों में नतीजों को भी कमजोर करता है। हमें ऐसा वर्क कल्चर बनाना होगा जिसमें न्याय में सभी देरी खत्म हो जाएं।

भ्रष्टाचार को सिर्फ जनता के पैसे की बर्बादी नहीं, बल्कि युवाओं से छीना गया मौका, परिवार से छीनी गई सुरक्षा और समाज के बुजुर्गों के साथ अन्याय बताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह जीवित इंसानों की जिंदगी पर सीधा हमला है। इसके बुरे असर आर्थिक नुकसान से कहीं ज्यादा गहरे हैं, जो कई पीढ़ियों पर जख्म छोड़ते हैं। हमें मिलकर भ्रष्टाचार-मुक्त जम्मू-कश्मीर बनाने के लिए काम करना चाहिए।

उन्होंने एसीबी से रोजाना सेल्फ-ऑडिट करने और क्रेडिबिलिटी मजबूत करने की सलाह दी। साथ ही अंतर-एजेंसी सहयोग पर जोर दिया, क्योंकि भ्रष्टाचार कोई बॉर्डर नहीं मानता और डेटा विभिन्न नेटवर्क में बिखरा होता है। एक एजेंसी की जानकारी दूसरी की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

अवंतीपोरा की नई एपीकेएस ब्रांच दक्षिण कश्मीर के सभी जिलों की जरूरतों को पूरा करेगी। इससे ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी, पहुंच बेहतर होगी और शिकायतों-जांचों का समय पर निपटारा संभव होगा।

--आईएएनएस

एससीएच