जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में ई-गवर्नेंस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित, डिजिटली सशक्त हो रहे लोग
कुपवाड़ा, 14 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत डीसी ऑफिस कॉम्प्लेक्स में ई-गवर्नेंस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। इसके साथ ही जिले में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को भी सुदृढ़ किया गया है।
यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नागरिकों को विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने और डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह केंद्र एक मॉडल कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में कार्य करेगा, जहां लोग एक ही स्थान पर कई सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सीएससी एसपीवी कुपवाड़ा के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर डॉ. जाविद मकबूल ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि लगभग 10-15 दिन पहले पहली बार कुपवाड़ा जिले के डीसी ऑफिस में ई-गवर्नेंस सेवाओं के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य कुपवाड़ा जिले की पूरी आबादी को डिजिटल रूप से साक्षर बनाकर उन्हें डिजिटली सशक्त करना है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लोगों का पंजीकरण यहां किया जा रहा है, जिससे पहले दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। अब निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आवेदन समेत कई सेवाएं कम समय में और आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
डॉ. मकबूल ने बताया कि लोग इस केंद्र के माध्यम से विभिन्न सेवाओं और योजनाओं का लाभ उठा चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए यहां पंजीकरण करा रहे हैं और सरकार की इस पहल के प्रति आभार जता रहे हैं।
इस केंद्र से लाभान्वित हो रहे कार्यकर्ता मुश्ताक अहमद ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और सीएससी के माध्यम से उन्हें कई प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अब सभी सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए उन्हें कहीं और भटकना नहीं पड़ता और सभी काम एक ही स्थान पर हो जाते हैं। उन्होंने इस केंद्र की स्थापना के लिए उपायुक्त और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं, स्थानीय नागरिक मोहम्मद रफीक ने कहा कि वे उपायुक्त के बेहद आभारी हैं कि उन्होंने कुपवाड़ा में यह सीएससी केंद्र स्थापित किया। उन्होंने बताया कि इस केंद्र से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है और उन्होंने यहीं से आयुष्मान कार्ड भी बनवाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की डिजिटल सुविधाओं से न सिर्फ समय की बचत हो रही है, बल्कि सरकारी सेवाएं भी पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुलभ हो गई हैं।
इस सेंटर के माध्यम से नागरिकों को अटल पेंशन योजना, पीएम जन जीवन योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, ई-श्रम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम किसान मानधन योजना, डिजिटल बैंकिंग, ई-केवाईसी, आधार सेवाएं, सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जीवन प्रमाण और डिजी दोस्त जैसी योजनाओं के लिए न सिर्फ मार्गदर्शन दिया जा रहा है, बल्कि मौके पर ही पंजीकरण और नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा, वीएलई के अनुसार अलग-अलग योजनाओं और अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़े अब तक किए गए ट्रांजेक्शन और रजिस्ट्रेशन की जानकारी भी नागरिकों को दी जाती है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/एबीएम