जम्मू-कश्मीर को उसका हक मिले, सदन चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की ज्यादा : सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने संसद सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने, कश्मीरी उत्पादों को बढ़ावा देने, सदन में हंगामे और एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्ष के रुख पर अपनी बात रखी।
नदवी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हमारी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में आने वाले कश्मीरी लोगों के लिए विशेष ऐलान किया है कि उनके उत्पादों के लिए दुकानें दी जाएंगी। ताकि कश्मीर का जो हुनर है, वह देश में फैले। जहां तक आर्टिकल 370 की बात है, उस पर हमने संसद में चर्चा की है, जिसे रिकॉर्ड में देखा जा सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "जम्मू-कश्मीर को भी अन्य हिल राज्यों की तरह अपनी पहचान रखने का अधिकार मिलना चाहिए। देश के दूसरे राज्यों, जो हिल स्टेट हैं, जैसे मणिपुर, गोवा, केरल, हिमाचल और अरुणाचल प्रदेश हैं, उसकी तरह जम्मू-कश्मीर को भी अपनी पहचान रखने का हक है, जो उन्हें मिलना चाहिए।"
संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने पर नदवी ने सत्ताधारी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "सदन की कार्यवाही चले, इसकी जिम्मेदारी सत्ताधारी पार्टी की ज्यादा होती है। विपक्ष का काम मुद्दों को उठाना और राह दिखाना होता है। लेकिन इन मुद्दों को सही से लेना और संसद की कार्यवाही को चलाना, सत्ताधारी पार्टी की जिम्मेदारी होती है।"
छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर सपा सांसद ने कहा, "पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है। देश के कई हिस्सों में अभी भी छात्र और जेनजी कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। छात्रों की आवाज सपा समेत सभी विपक्षी पार्टियां सदन में लगातार उठा रही हैं। पूरा विपक्ष छात्रों के साथ है। सदन की कार्यवाही चलनी चाहिए, सभी इसके पक्ष में हैं।"
इसी मुद्दे पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "उस फैसले का क्या हुआ? केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे से बस बच नहीं सकते। अगर उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था, तो उनसे यह क्यों नहीं पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने वह वादा क्यों तोड़ा?"
--आईएएनएस
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