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जामिया यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव कराने को तैयार, फुटेज में देंखे नए आदेश में 6 हफ्ते की डेडलाइन तय, आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई भी वापस होगी

 

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्र संघ चुनाव कराने के लिए तैयार हो गया है। प्रशासन ने 29 अक्टूबर को नया आदेश जारी कर पहली बार चुनाव के लिए समयसीमा तय की है। नए आदेश के मुताबिक, 16 जुलाई से नया एकेडमिक सेशन शुरू होगा और इसके छह सप्ताह के भीतर स्टूडेंट्स यूनियन के चुनाव कराए जाएंगे। वहीं, छात्र संघ के संविधान को अंतिम रूप देने की समयसीमा 15 मई 2027 तय की गई है।प्रशासन के इस फैसले को छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ जारी किए गए शो-कॉज नोटिस, सस्पेंशन, रस्टिकेशन और कैंपस बैन जैसे सभी आदेश वापस लेने का भी फैसला किया है।

16 जुलाई से शुरू होगा नया एकेडमिक सेशन

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जामिया प्रशासन की ओर से जारी नए आदेश में कहा गया है कि 16 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। इसके छह सप्ताह के भीतर छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इस तरह पहली बार प्रशासन ने चुनाव के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है।इसके साथ ही स्टूडेंट्स यूनियन के संविधान को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने का निर्देश दिया गया है। संविधान को अंतिम रूप देने के लिए 15 मई 2027 की तारीख तय की गई है। प्रशासन का कहना है कि छात्र संघ के चुनाव इसी व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे।

2 नवंबर से ऑफलाइन क्लासेज शुरू होंगी

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2 नवंबर से ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू होंगी। इससे पहले छात्र संघ चुनाव और अन्य मांगों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था।प्रशासन की ओर से आंदोलन के दौरान छात्रों पर की गई कार्रवाई को वापस लेने का भी निर्णय लिया गया है। इसमें जारी किए गए शो-कॉज नोटिस, सस्पेंशन, रस्टिकेशन और कैंपस में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध शामिल हैं। इस फैसले से आंदोलन में शामिल छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।

26 अक्टूबर के आदेश से संतुष्ट नहीं थे छात्र

इससे पहले 26 अक्टूबर को जामिया प्रशासन ने कहा था कि छात्र संघ का संविधान मंजूर होने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, उस समय चुनाव की कोई निश्चित तारीख या स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई थी।प्रशासन के इस आदेश से छात्र संतुष्ट नहीं हुए थे। उनकी मांग थी कि चुनाव कराने के लिए स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए। इसी वजह से छात्रों ने अपना आंदोलन और हड़ताल खत्म करने पर सहमति नहीं जताई थी।

छात्रों की मांग के बाद प्रशासन ने जारी किया नया आदेश

अब 29 अक्टूबर को जारी नए आदेश में प्रशासन ने चुनाव की प्रक्रिया के लिए छह सप्ताह की समयसीमा तय कर दी है। इसके साथ ही संविधान पूरा करने की अंतिम तारीख भी घोषित कर दी गई है।प्रशासन के नए फैसले में चुनाव, ऑफलाइन कक्षाओं की शुरुआत और आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। अब देखना होगा कि छात्र प्रशासन के इस नए आदेश पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और आंदोलन को लेकर आगे क्या फैसला लेते हैं।