जामिया यूनिवर्सिटी में लगातार 13वें दिन भूख हड़ताल पर 5 छात्र: 2006 से नहीं हुए छात्र संघ चुनाव, प्रशासन ने शुरू की ऑनलाइन क्लासेस
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ बहाल करने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन ने नया मोड़ ले लिया है। शनिवार को पांच छात्रों की भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी रही। इस बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी कोर्स की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन करने का ऐलान किया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नोटिस में डीन, विभागाध्यक्षों, निदेशकों, शिक्षकों और नियमित छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के तय शेड्यूल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों से ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करने और छात्रों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।
प्रदर्शन स्थल खाली कराने के आरोप
जामिया में प्रदर्शन के बीच ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल से हटाया है। छात्रों को कथित तौर पर जबरन हटाए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन की प्रेस रिलीज के मुताबिक, भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल पर हमला किया जा रहा है। AISA ने इसे प्रशासन का कठोर रवैया बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
छात्र संघ बहाली और निलंबन रद्द करने की मांग
प्रदर्शन की शुरुआत से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र जासिम अली खान ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने निलंबित छात्रों का निलंबन रद्द करने की मांग की।
वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र अनस ने चीफ प्रॉक्टर और अनुशासन समिति की ओर से छात्रों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक छात्र संघ बहाल नहीं होता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
‘फ्री कश्मीर’ ग्रैफिटी विवाद पर क्या बोले छात्र?
जामिया परिसर में ‘फ्री कश्मीर’ नारे वाली ग्रैफिटी को लेकर भी विवाद जारी है। इस मुद्दे पर छात्र अनस ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के लिए एक अलग नैरेटिव फैलाया जा रहा है।
उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। अनस के मुताबिक, परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच होनी चाहिए, ताकि पता लगाया जा सके कि ग्रैफिटी किसने बनाई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी और भूख हड़ताल कर रहे छात्र इस घटना में शामिल नहीं हैं।
छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन पहले दिन से शांतिपूर्ण रहा है और आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
12 अक्टूबर से चल रहा है प्रदर्शन
जामिया के छात्रों ने 12 अक्टूबर को छात्र संघ बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की थी। छात्र चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग भी कर रहे हैं। प्रदर्शन के शुरुआती दिनों में निर्धारित प्रदर्शन स्थल से छात्रों को हटाने की कोशिश किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया था।
जामिया की छात्र यूनियन को मार्च 2006 में भंग कर दिया गया था। अब छात्र संगठन की बहाली को लेकर फिर से आवाज उठा रहे हैं।
इमरान मसूद और मोहिबुल्लाह नदवी भी पहुंचे समर्थन देने
जामिया प्रदर्शन में शुक्रवार को राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी छात्रों के समर्थन में पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने दोनों सांसदों को हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।
दोनों पर परिसर में दीवार फांदकर प्रवेश करने का आरोप लगाया गया। वहीं, मोहिबुल्लाह नदवी ने धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया।
इमरान मसूद ने ‘फ्री कश्मीर’ नारे को लेकर कहा कि वहां ऐसा कोई नारा नहीं लगाया गया। उन्होंने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए विवादित पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से जुड़े छात्र संगठनों का भी समर्थन मिलने की बात सामने आई है।
अब आगे क्या होगा?
जामिया में एक तरफ छात्र संघ की बहाली और प्रशासनिक कार्रवाई वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।