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जामिया प्रशासन छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय कार्रवाई कर रहा : इमरान मसूद

 

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। जामिया मिलिया इस्लामिया मामले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन, प्रशासन की कार्यशैली और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके अलावा, मसूद ने लखनऊ में गठबंधन को लेकर लगाए गए पोस्टरों और प्रधानमंत्री पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।

उन्होंने प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी की नियुक्ति गैरकानूनी है और उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं।

मसूद ने परिसर में कश्मीर को लेकर लिखे गए नारों के मामले में भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी की फर्जी वर्दी पहनकर एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। छात्रों ने उस व्यक्ति को पकड़ा, क्योंकि प्रशासन की ओर से उचित निगरानी नहीं की जा रही थी। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है?

कांग्रेस सांसद ने प्रॉक्टर मेहताब रिजवी की नियुक्ति पर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे, तब प्रशासन को उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए था।

जामिया परिसर में प्रवेश के लिए दीवार फांदने के सवाल पर मसूद ने कहा कि रास्ते बंद कर दिए गए थे, इसलिए लोगों के सामने अंदर जाने का दूसरा विकल्प नहीं था। चारों तरफ से रास्ते बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी और लोगों को अपने बच्चों से मिलने से क्यों रोका गया?

लखनऊ में गठबंधन को लेकर लगाए गए पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने कहा कि इनसे भाजपा का डर साफ दिखाई देता है। पोस्टर और होर्डिंग किसने लगवाए और उनके लिए पैसे किसने दिए, इसके बारे में पता करना चाहिए। गठबंधन मजबूत है और इस तरह के पोस्टरों से उसमें दरार नहीं पड़ेगी। सीटों के बंटवारे पर फैसला हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी का समर्थन करते हुए मसूद ने कहा कि खड़गे ने सही जवाब दिया है और आगे भी इसी तरह जवाब देते रहेंगे। उन्होंने सरकार पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने से वे डरने वाले नहीं हैं।

मसूद ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अगर हम कैंपस के अंदर चले गए, तो आपने हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी? क्या आपको लगता है कि हम आपकी एफआईआर से डर जाएंगे?

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम