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Jaipur Diwali 2026: आखिर क्यों पूरी दुनिया में मशहूर है गुलाबी नगरी की दिवाली? रात में बदल जाता है शहर का नजारा

 

भारत में दीपावली का त्योहार हर शहर में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर की दिवाली की बात ही कुछ अलग है। गुलाबी नगरी में दीपावली के दौरान ऐसा नजारा देखने को मिलता है, जिसे देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। दिन में अपनी ऐतिहासिक इमारतों और खूबसूरत बाजारों के लिए मशहूर जयपुर रात होते ही रोशनी के एक शानदार शहर में बदल जाता है।

इस बार दीपावली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। त्योहार को खास बनाने के लिए जयपुर के बाजारों में विशेष सजावट की जा रही है। ताजा तैयारियों के मुताबिक, परकोटे के ऐतिहासिक बाजारों से लेकर मानसरोवर और प्रमुख शॉपिंग मॉल तक करीब 200 बाजारों में दीपोत्सव की रोशनी देखने को मिलेगी। वहीं एमआई रोड पर पिंक सिटी थीम के तहत खास लाइटिंग की तैयारी की गई है।आइए जानते हैं कि आखिर जयपुर की दीपावली इतनी मशहूर क्यों है और रात होते ही गुलाबी नगरी का नजारा किस तरह बदल जाता है।

1. पूरा परकोटा बन जाता है रोशनी का शानदार गलियारा

जयपुर की दीपावली की सबसे बड़ी खासियत यहां का ऐतिहासिक परकोटा है। जौहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपोलिया बाजार, किशनपोल बाजार और चांदपोल बाजार जैसे पुराने बाजारों को रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावटी द्वारों से सजाया जाता है।

इन बाजारों की खासियत यह है कि यहां सिर्फ दुकानें ही नहीं, बल्कि पुरानी इमारतों के अग्रभाग, खिड़कियां और प्रवेश द्वार भी रोशनी से जगमगाते हैं।

शाम होते ही पूरा बाजार किसी खूबसूरत रोशनी वाले गलियारे जैसा दिखाई देने लगता है। यही नजारा जयपुर की दीपावली को दूसरी जगहों से अलग पहचान देता है।

2. जौहरी बाजार की रोशनी देखने उमड़ते हैं पर्यटक

जयपुर का जौहरी बाजार अपनी पारंपरिक ज्वेलरी और ऐतिहासिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। दीपावली के दौरान यहां की सजावट देखने लायक होती है।

बाजार में दुकानों के साथ पुराने भवनों को भी विशेष लाइटिंग से सजाया जाता है। रंगीन रोशनी और पारंपरिक वास्तुकला का मेल ऐसा माहौल बनाता है, जिसे देखने और कैमरे में कैद करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

धनतेरस और छोटी दीपावली के आसपास यहां खरीदारी के साथ रोशनी देखने वालों की भीड़ बढ़ जाती है।

3. एमआई रोड पर दिखेगा पिंक सिटी थीम का खास नजारा

जयपुर की दीपावली में एमआई रोड का भी खास आकर्षण रहता है। इस बार यहां करीब तीन किलोमीटर के क्षेत्र में पिंक सिटी थीम पर विशेष सजावटी लाइटिंग की तैयारी की गई है।

4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, शाम 6:30 बजे एमआई रोड पर विशेष रोशनी का स्विच ऑन करने की योजना थी। इस सजावट में जयपुर की पहचान और आधुनिक लाइटिंग का खूबसूरत मेल देखने को मिलेगा।

पंचबत्ती और आसपास के इलाकों में रोशनी का यह नजारा स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।

4. ऐतिहासिक इमारतों की खूबसूरती में लग जाते हैं चार चांद

जयपुर की पहचान यहां के ऐतिहासिक महलों और स्मारकों से है। दीपावली के दौरान इन इमारतों के आसपास का वातावरण और भी आकर्षक हो जाता है।

इन जगहों पर देख सकते हैं खास नजारा:

  • हवा महल: अपनी अनोखी खिड़कियों और ऐतिहासिक वास्तुकला के कारण रोशनी में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

  • सिटी पैलेस: राजस्थानी शाही वास्तुकला और आसपास की सजावट पर्यटकों को आकर्षित करती है।

  • अल्बर्ट हॉल: इसकी शानदार इमारत शाम के समय खास आकर्षण बनती है।

  • जलमहल: मानसागर झील के बीच स्थित यह ऐतिहासिक स्थल रात में अलग ही खूबसूरती पेश करता है।

  • नाहरगढ़ किला: ऊंचाई से रोशनी से जगमगाते जयपुर का नजारा देखने का शानदार मौका मिलता है।

ध्यान रखें कि अलग-अलग स्मारकों की लाइटिंग और प्रवेश व्यवस्था अलग हो सकती है।

5. बाजारों के बीच होती है सजावट की खास प्रतिस्पर्धा

जयपुर की दीपावली की एक और खास बात बाजारों के बीच सजावट को लेकर होने वाला उत्साह है। अलग-अलग व्यापारिक संगठन अपने बाजारों को सबसे आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां करते हैं।

कहीं रंगीन लाइटों से सजावट होती है तो कहीं बड़े स्वागत द्वार और आकर्षक थीम तैयार की जाती हैं। इसी प्रतिस्पर्धा के कारण हर साल बाजारों का रूप कुछ अलग दिखाई देता है।

इस बार जयपुर नगर निगम ने भी 'दीवाली खुशियों वाली-2026' पहल के तहत घरों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सजावट के लिए सात श्रेणियों में प्रतियोगिताओं की योजना बनाई है।

इससे शहर के लोगों को भी दीपावली की सजावट में भाग लेने और अपनी रचनात्मकता दिखाने का मौका मिलेगा।

6. 200 बाजारों में होगी रोशनी, बाहरी इलाकों में भी दिखेगा उत्सव

पहले जयपुर की दीपावली की चर्चा मुख्य रूप से परकोटे के बाजारों तक सीमित रहती थी, लेकिन अब शहर के बाहरी इलाकों में भी त्योहार की रौनक बढ़ रही है।

इस बार करीब 200 बाजारों में सजावटी रोशनी की तैयारी की गई है। मानसरोवर, महेश नगर, बरकत नगर और सेंट्रल स्पाइन जैसे इलाकों में भी दीपावली की सजावट देखने को मिलेगी।

इसके अलावा बड़े शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी आकर्षक लाइटिंग और सजावट के जरिए त्योहार का माहौल बनाएंगे।

7. जयपुर की दिवाली देखने के लिए कब जाएं?

अगर आप भी इस साल जयपुर की रोशनी वाली दीपावली देखना चाहते हैं, तो सही दिन और समय चुनना जरूरी है।

तारीख खास आकर्षण
6 नवंबर धनतेरस और बाजारों में खरीदारी
7 नवंबर छोटी दीपावली और सजावट का नजारा
8 नवंबर मुख्य दीपावली और लक्ष्मी पूजा
9 नवंबर त्योहार के बाद की बाजार रौनक

शाम करीब 6 बजे से रात 10 बजे के बीच बाजारों की रोशनी देखने का अच्छा समय हो सकता है। हालांकि दीपावली की शाम कई दुकानदार लक्ष्मी पूजा के लिए जल्दी दुकानें बंद कर सकते हैं। इसलिए 6 और 7 नवंबर की शाम भी रोशनी देखने के लिए अच्छा विकल्प है।

8. जयपुर की दिवाली देखने जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

दीपावली के दौरान जयपुर के पुराने बाजारों में भारी भीड़ रहती है। ऐसे में घूमने का प्लान बनाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।

  1. परकोटे के बाजारों में जाने के लिए मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

  2. भीड़भाड़ वाले इलाकों में निजी वाहन ले जाने से बचें।

  3. जौहरी बाजार, बापू बाजार और त्रिपोलिया बाजार घूमने के लिए आरामदायक जूते पहनें।

  4. मोबाइल और पर्स जैसी जरूरी चीजों को सुरक्षित रखें।

  5. ऐतिहासिक इमारतों की फोटोग्राफी और प्रवेश के नियमों का पालन करें।

  6. ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी डायवर्जन और पार्किंग संबंधी निर्देश जरूर देखें।

आखिर क्यों पूरी दुनिया में अलग पहचान रखती है जयपुर की दीपावली?

जयपुर की दीपावली की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि यहां त्योहार सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा शहर इसमें शामिल होता है। ऐतिहासिक इमारतें, पुराने बाजार, व्यापारियों की सजावट, पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति और आधुनिक रोशनी मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जो पर्यटकों को लंबे समय तक याद रहता है।जहां दूसरे शहरों में लोग अपने घरों को सजाकर दीपावली मनाते हैं, वहीं जयपुर में पूरा बाजार और ऐतिहासिक शहर ही उत्सव का हिस्सा बन जाता है।