×

जहांगीर खान ने अभिषेक बनर्जी के '10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे' वाले दावे की निकाल दी हवा, भाजपा का रास्ता क्लियर

 

कोलकाता, 19 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब तृणमूल कांग्रेस फाल्टा सीट पर भी गच्चा खा गई है। यह वो सीट है, जिस पर बंगाल की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं। अब जब टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने इस सीट से चुनाव लड़ने से मना कर दिया है तो इस सीट से तृणमूल की हार भी पक्की हो गई है। ऐसे में सबसे बड़ा झटका तो टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को लगा है, जिन्होंने इस सीट पर जीत को लेकर न केवल बढ़-चढ़कर दावे कर डाले थे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी को सीधी चुनौती भी दी थी। मानों अभिषेक के लिए फाल्टा सीट बंगाल की हार से ज्यादा से महत्वपूर्ण थी।

दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान यह सीट अचानक उस समय चर्चा में आई थी, जब टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधी चुनौती दे डाली। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को ललकारते हुए कहा था कि उनके 'डायमंड हार्बर मॉडल' को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा के 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे। यही नहीं बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी की जीत का दावा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह को भी सीधा चैलेंज दे दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो 5 मई को कोलकाता में रहना होगा।

टीएमसी ने फाल्टा सीट से जहांगीर खान पर दांव लगाया था। वहीं, जहांगीर भी चुनाव प्रचार में अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा' के अंदाज में दिखाई दिए थे। उनको कई बड़ी जनसभाओं में फिल्मी डायलॉग 'पुष्पा राज… मैं झुकेगा नहीं' बोलते हुए देखा गया। इसके साथ ही उन्होंने विरोधियों को भी खुली चुनौती दी थी, लेकिन जहांगीर खान के अचानक चुनाव लड़ने से मना करने पर उनके समर्थकों को भी हैरानी है। इस सीट पर 21 मई को फिर से वोटिंग होनी थी, लेकिन वोटिंग से 48 घंटे पहले ही उन्होंने चुनाव की दौड़ से खुद को अलग कर लिया।

इससे पहले जहांगीर खान ने आरोप लगाया था कि उनको मतदान की तारीख से पहले गिरफ्तार किया जा सकता है। इसको लेकर उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी दी थी, जिसको जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने स्वीकार कर लिया था। उन्होंने अपनी अर्जी में आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है, जिसके चलते उनको गिरफ्तार किया जा सकता है।

दरअसल, फाल्टा विधानसभा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, क्योंकि यह अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र है। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे होने की वजह से पार्टी में वो दूसरे बड़े नेता माने जाते हैं। अभिषेक साल 2014 से लगातार इस लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां से सात लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। इसलिए यह सीट तृणमूल का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।

वहीं, फाल्टा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव न लड़ने के फैसले पर भाजपा ने तंज कसा है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि कई लोग 'पुष्पा' बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार 'पुष्पा' 'फुस्स' (फ्लॉप) हो गया।

--आईएएनएस

एमएस/वीसी