जागरूक है ओबीसी समाज, कांग्रेस राजनीतिक रोटियां सेंकने की गलतफहमी में न रहे: अमर पाल मौर्य
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा ओबीसी मोर्चा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर पाल मौर्य ने अपनी नई जिम्मेदारी, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव और ओबीसी समाज को लेकर कांग्रेस व समाजवादी पार्टी की राजनीति पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। वहीं, राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ओबीसी समाज को एकजुट होने की अपील पर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज अब जागरूक हो चुका है और कांग्रेस की राजनीति को समझता है।
भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर अमर पाल मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके जैसे सामान्य कार्यकर्ता को गांव से निकलकर देश स्तर पर काम करने की इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना भाजपा में ही संभव है। पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए वह हृदय से आभारी हैं। भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता भी लगातार मेहनत और संगठन के प्रति समर्पण के जरिए बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ओबीसी समाज को एकजुट होने की राहुल गांधी की अपील पर अमर पाल मौर्य ने कहा कि ओबीसी समाज अब जागरूक हो चुका है और कांग्रेस की ओर से किए जा रहे राजनीतिक दावों को समझता है। कांग्रेस को लगता है कि ओबीसी समाज के मुद्दों पर बोलकर वह राजनीतिक लाभ हासिल कर सकती है, लेकिन यह उसकी गलतफहमी है। कांग्रेस के लंबे शासनकाल का उल्लेख करते हुए मौर्य ने कहा कि जब देश में लंबे समय तक एक ही परिवार का राजनीतिक प्रभाव रहा, तब पिछड़े और गरीब वर्गों के लिए क्या किया गया।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में गरीब और पिछड़े वर्गों की चिंता करती है तो उसे अपने पुराने शासन का हिसाब देना चाहिए। मौर्य ने विशेष रूप से रायबरेली का उल्लेख करते हुए पूछा कि इतने लंबे समय तक कांग्रेस के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में कितने पिछड़े वर्ग के लोगों और गरीब परिवारों को आवास तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि देश का हिसाब मांगने से पहले कांग्रेस को रायबरेली का ही हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के मद्देनजर ओबीसी राजनीति को लेकर अमर पाल मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए को लेकर कहा कि समाजवादी पार्टी को सबसे पहले पिछड़े वर्ग की परिभाषा समझनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को स्वयं किसी शब्द का अर्थ नहीं पता हो और वह लगातार उसका इस्तेमाल करता रहे तो राजनीतिक संदर्भ में उसकी बात को किस तरह लिया जाए, यह जनता तय कर सकती है। सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के लोगों की जमीनों पर कब्जे के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। उस समय समाजवादी पार्टी की पिछड़े वर्ग के प्रति संवेदनाएं कहां थीं। एक जाति और एक परिवार की राजनीति करने वाली पार्टी कभी भी पूरे पिछड़े समाज का भला नहीं कर सकती। सपा के शासनकाल में शोषण और अराजकता को बढ़ावा मिला।
अमर पाल मौर्य ने अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कभी 'पी' का अर्थ पिछड़ा बताया जाता है तो कभी पंडित। अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार पीडीए की परिभाषा बदलने से जनता भ्रमित होने वाली नहीं है। उत्तर प्रदेश का ओबीसी समाज अब राजनीतिक रूप से जागरूक है और वह केवल चुनाव के समय किए जाने वाले दावों से प्रभावित नहीं होगा।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मौर्य ने कहा कि कांग्रेस लगातार हार का सामना कर रही है और उसे यह समझ नहीं आ रहा कि राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने का रास्ता क्या है। प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ सीधे मुकाबला करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है, क्योंकि उनके मुताबिक समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन प्रधानमंत्री के साथ है। कांग्रेस अब राजनीतिक लाभ के लिए ओबीसी समाज को आंदोलनों के नाम पर लामबंद करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री के खिलाफ ओबीसी समाज को खड़ा करने की अपील से कांग्रेस को कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला।
उत्तर प्रदेश में ओबीसी समाज की बड़ी आबादी को देखते हुए आगामी चुनाव में भाजपा की रणनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर मौर्य ने कहा कि ओबीसी समाज पूरे देश में भाजपा से जुड़ा हुआ है। केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ उन गरीब और पिछड़े परिवारों तक पहुंच रहा है, जिन तक पहले सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था। गरीब परिवारों के जीवन में बदलाव लाने वाली सरकारी योजनाओं और नीतियों के कारण समाज के विभिन्न वर्गों में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विश्वास बढ़ा है। भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को आगे बढ़ाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
अमर पाल मौर्य ने कहा कि भाजपा ओबीसी मोर्चा का प्रयास रहेगा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को सरकार की नीतियों की जानकारी दी जाए। पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोगों की भागीदारी देश के विकास में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि यूपी में भी ओबीसी समाज भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और आने वाले चुनाव में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
--आईएएनएस
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