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प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त, हमलावरों को सुरक्षा और पीड़ितों पर केस: जगन मोहन रेड्डी

 

अमरावती, 2 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने एन चंद्रबाबू नायडू सरकार पर कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में 'बदले की राजनीति' चल रही है, जिसमें हमलावरों को सुरक्षा मिल रही है और पीड़ितों पर ही आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जगन ने सवाल किया, "चंद्रबाबू नायडू, आज आंध्र प्रदेश में असल में क्या हो रहा है? अगर हमला करने वाले सत्ताधारी पार्टी के हों तो उन्हें सुरक्षा मिलती है। अगर पीड़ित वाईएसआर कांग्रेस के हों तो उन पर केस दर्ज होते हैं। सरकार से सवाल पूछने वालों को गिरफ्तार किया जाता है। क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही न्याय है?"

जगन मोहन रेड्डी ने आलूर के बीसी विधायक विरुपाक्षी की गिरफ्तारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "क्या लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए विधायक के घर पर रात 2:45 बजे भारी पुलिस बल भेजकर दरवाजा तोड़ने की जरूरत थी?"

उन्होंने बताया कि चिप्पागिरी मंडल के नेमाकल्लू गांव में टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर वाईएसआरसीपी नेता के घर पर हमला किया। मदद मांगने पर विधायक विरुपाक्षी जब पीड़ित परिवार से मिलने गए तो उन पर भी पथराव हुआ और उनके भाई घायल हो गए।

उन्होंने कहा कि अगर कानून निष्पक्ष होता तो किसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए था- हमलावरों को या हमले के शिकार हुए विधायक को? लेकिन यहां उल्टा हो रहा है। विधायक और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर हत्या के प्रयास जैसे आरोप लगाए गए हैं।"

उन्होंने पुलिस द्वारा विधायक के घर से सीसीटीवी हार्ड डिस्क जब्त करने पर भी सवाल उठाए और पूछा, "क्या इसलिए जब्त की ताकि आधी रात के ऑपरेशन में पुलिस की ज्यादती सामने न आए?"

जगन ने श्रीकाकुलम जिले में पूर्व मंत्री सीडिरी अप्पाला राजू की गिरफ्तारी का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सड़क दुर्घटना को राजनीतिक बदले के कारण हत्या के मामले में बदल दिया गया। जब वे परिवार से मिलने गए तो भारी भीड़ जुटी। इसके बाद सरकार ने कथित तौर पर वीडियो से छेड़छाड़ कर चिंताडा रविकुमार और अन्य नेताओं पर केस दर्ज किए।

गुंटूर ईस्ट के पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा के मामले में भी उन्होंने यही पैटर्न बताया। एक व्यावसायिक विवाद में शामिल व्यक्ति को पुलिस को सौंप दिया गया, फिर भी मुस्तफा पर अपहरण का मामला दर्ज कर दिया गया। क्या इसका एकमात्र कारण उनका वाईएसआरसीपी से जुड़ा होना है?

जगन ने कहा कि पूरे राज्य में जेन-जी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने डीएससी-2025 में अनियमितताओं की सीबीआई जांच, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश का इस्तीफा, 'विद्या दीवेना' और 'वसति दीवेना' के 9,500 करोड़ रुपए बकाया और 3,000 रुपए बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब न देकर सरकार झूठे केस, आधी रात की गिरफ्तारियां और पुलिस की ज्यादती से लोगों का ध्यान भटका रही है।

जगन ने चेतावनी देते हुए कहा कि मिस्टर चंद्रबाबू, याद रखें राजनीतिक सत्ता और पुलिस की ताकत हमेशा नहीं रहती। आप कितने भी केस दर्ज करें, कितने भी दरवाजे तोड़ें, वाईएसआरसीपी पीछे नहीं हटेगी। हम पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे और तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे। आप लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन उनके दिलों के साहस और सवालों को नहीं दबा सकते।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी