जबलपुर की जल संरचनाएं गोंडवाना साम्राज्य की समृद्धि का प्रमाण : सीएम मोहन यादव
जबलपुर, 23 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र की जल संरचनाएं गोंडवाना साम्राज्य के गौरवशाली अतीत का जीवंत प्रमाण है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जबलपुर के ऐतिहासिक 'जल मंदिर' और 'वीर बावड़ी' परिसर का भ्रमण कर पुनरुद्धार कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जल संरचनाओं को गोंडवाना साम्राज्य के गौरवशाली अतीत का जीवंत प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने बावड़ी की वास्तुकला और इसके पुनरुद्धार कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय हमारी ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजना और आने वाली पीढ़ी को इससे परिचित कराना है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। रानी ताल और चेरी ताल के मध्य स्थित अद्वितीय स्थापत्य कला की बेजोड़ कृति के अवलोकन के दौरान अवगत कराया गया कि यह बावड़ी केवल एक जल संरचना नहीं है, बल्कि यह गोंडवाना साम्राज्य की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।
रानी ताल और चेरी ताल के मध्य स्थित यह 'वीर बावड़ी' वीरांगना रानी दुर्गावती के प्रकृति प्रेम और लोक कल्याणकारी नीतियों का जीवंत प्रमाण है। उस दौर में जल संरक्षण को लेकर जो तकनीक अपनाई गई थी, उसका यह एक बेजोड़ नमूना है।
बता दें कि राज्य सरकार जल संरचनाओं के संरक्षण का अभियान चलाए हुए है। इसी के अंतर्गत जबलपुर की जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार किया जा रहा है। राज्य के बड़े हिस्से में बड़ी तादाद में जल संरचनाएं हैं, उनमें से कई की हालत अच्छी नहीं है, इसलिए राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए अभियान चला रही है।
--आईएएनएस
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