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जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन और संघर्ष रहेगा जारी: इंडिया ब्लॉक

 

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक के नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे। इसके साथ राष्ट्रपति से मिलने की योजना है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "हम राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। संविधान की रक्षक राष्ट्रपति से हम लोग लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार की रक्षा के लिए मिलना चाहते हैं। यह पूरी तरह से संवैधानिक है। हमें भरोसा है कि राष्ट्रपति हमसे जरूर मिलेंगी।"

भाजपा द्वारा इंडिया ब्लॉक को लोकतंत्र का खतरा बताने पर प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा सरकार में लोकतंत्र की हत्या हो रही है, जिसके खिलाफ हम आंदोलन कर रहे हैं। देश के लोगों को पता चल गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा नहीं करते। मुख्य चुनाव आयुक्त ने तो देश के साथ गद्दारी की है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।"

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी लगातार वोट की चोरी, प्रश्न पत्र लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की हत्या की साजिश भी रची जा रही है। वे लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त गद्दार और देशद्रोही हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए और जेल भेजना चाहिए।"

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "ज्ञानेश कुमार हवा में उड़ जाएंगे, ये जन आंदोलन बन चुका है, अब हर आदमी सवाल पूछने लगा है। आप 13 करोड़ लोगों के वोट काट दोगे, देश सवाल नहीं करेगा? यह प्रदर्शन भाजपा को उखाड़ फेंक देगा। हम लोकतंत्र के अधिकारों को खत्म नहीं होने देंगे।"

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, "पार्टी की कुछ मांगे हैं, आपको भी पता होना चाहिए कि ये जो वोट चोरी हुआ है, जब तक उन लोगों को न्याय न मिल जाए, तब तक ये लड़ाई चलेगी। तीन दिन नहीं, तीस दिन चलेगी, तीन हजार दिन चलेगी। हम लोग थकने वाले नहीं हैं, संघर्ष जारी रहेगा। आप एक बात देख लीजिए, आप तानाशाह नहीं बन सकते हैं। ज्ञानेश कुमार आपको इस्तीफा देना होगा। अंग्रेजों को उखाड़कर यहां के लोगों ने फेंक दिया, तो आप क्या हैं ज्ञानेश कुमार? अभी भी आपके पास समय है। आपने 13.5 करोड़ लोगों का जो वोट काटा है, वह जोड़ दीजिए, इसी में आपका भला है। सरकार आती है, जाती है। मुझे पता है कि आज सरकार भाजपा की है, कल सरकार हमारी भी आएगी और जब हमारी आएगी तो क्या होगा, आप देखते रहिएगा।"

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, "आरजेडी का बहुत साफ स्टैंड है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हम लोगों का आंदोलन है। ये देश की लड़ाई है और इस लड़ाई में हम आप सभी को आमंत्रित करते हैं।"

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम राष्ट्रपति से मांग करने जा रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो क्योंकि उन्होंने वोट चोरी की है, वोटों की लूट की है। प्रबुद्ध नागरिकों, योग्य नागरिकों को वोट डालने से रोका है। इसने 16 लाख नागरिकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाने की मांग रखी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश, चुनाव, लोकतंत्र और संविधान के साथ गद्दारी की है। जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त रहेंगे, तब तक भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाते रहें। ज्ञानेश कुमार ने देश और देशवासियों के प्रति गद्दारी की है।"

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, "पूरे देश में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्हें किसी भी हाल में जाना ही होगा। उन्होंने जो गलतियां की हैं, उनकी वजह से 13 करोड़ लोग चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।"

सीपीआई (एमस) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, "हम सरकार को साफ़ तौर पर बताना चाहते हैं कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में कोई ढील नहीं दी जाएगी। हम राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें सभी राजनीतिक मुद्दों और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की हमारी मांग की अहमियत के बारे में भी बताएंगे। आने वाले दिनों में दिल्ली की सड़कों पर समाज के दूसरे वर्ग भी इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में शामिल होते दिखेंगे। छात्र और युवा राजधानी आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस मस्जिदों में जाकर मुसलमानों से इस आंदोलन में शामिल न होने की अपील भी कर रही है। वे चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, हमारा रुख साफ है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम जरा भी पीछे नहीं हटेंगे।"

--आईएएनएस

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