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जब कमाल अमरोही की पत्नी ने मांगी थी 'सौतन' मीना कुमारी की सलामती की दुआ, मिलकर रोई थीं दोनों

 

मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। फिल्म निर्देशक कमाल अमरोही और मीना कुमारी की मोहब्बत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। भले ही दोनों के बीच उम्र का बड़ा फासला था, लेकिन प्यार में जुनून, सादगी और पवित्रता तीनों थे।

हिंदी सिनेमा में कमाल अमरोही और मीना कुमारी के प्यार को 'रूह के प्यार' की संज्ञा दी गई, क्योंकि तलाक और मीना कुमारी के जाने के बाद भी कमाल अमरोही ने बाकी की जिंदगी उनकी यादों के सहारे बिताई थी।

कमाल अमरोही के लिए मीना सिर्फ उनकी पत्नी नहीं, बल्कि उनकी फिल्म 'पाकीजा' के लिए प्रेरणा थीं, जिनके लिए उन्होंने 16 साल तक एक भव्य सपना बुना। वहीं मीना कुमारी के लिए कमाल वो 'साहिब' थे, जिनकी मोहब्बत में उन्होंने अपनी शोहरत तक को दांव पर लगा दिया। हालांकि समय के साथ अहम की लड़ाई और गलतफहमियों ने दोनों के रिश्ते को तोड़कर रख दिया।

कमाल अमरोही और मीना कुमारी के प्यार की शुरुआत फिल्म 'अनोखा' के सेट से हुई थी, जहां चंचल और सादगी से भरे मीना के स्वभाव ने अनुशासन पसंद करने वाले कमाल का दिल जीत लिया। धीरे-धीरे दोनों का प्यार इतना परवान चढ़ा कि तीन बच्चों के पिता कमाल ने मीना कुमारी से गुपचुप तरीके से शादी कर ली। मीना कुमारी और कमाल अमरोही को रिश्ते के खिलाफ कई लोग थे, लेकिन कमाल अमरोही की दूसरी पत्नी सईदा अल-जहरा ने कभी मीना कुमारी से नफरत नहीं की, बल्कि उनकी चिंता में उनसे मिलने के लिए पहुंच गई थीं।

मीना कुमारी से शादी के बाद से ही कमाल अलग रहने लगे थे। वे कभी-कभार ही सईदा से मिलने जाते थे। एक दिन सईदा ने कमाल अमरोही के घर जाने का फैसला लिया। उनके घरवालों ने उन्हें सम्मान का वास्ता देकर जाने से रोका, लेकिन सईदा को मीना कुमारी से मिलना था, और यह दोनों की पहली मुलाकात थी। बिना किसी संदेश के अचानक ही सईदा अपनी बेटी को लेकर कमाल और मीना के घर पहुंच गई, जहां दूसरी पत्नी को देखकर कमाल इस हद तक परेशान हो गए कि माथे से पसीना बहने लगा।

इस घटना का जिक्र करते हुए सईदा और कमाल की बेटी रुखसार अमरोही बताती हैं कि अम्मी मीना कुमारी (छोटी अम्मी) से मिलने पहुंची थीं, क्योंकि उन्होंने खबरों में पढ़ा था कि उनका छोटा सा ऑपरेशन हुआ है। पहली मुलाकात में ही अम्मी ने 250 रुपए मीना कुमारी ने हाथ में रख दिए, जो उनकी सलामती के लिए थे। हालांकि मीना ने पहले लेने से इनकार किया, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिए। उन्होंने बताया कि छोटी अम्मी को अम्मी की घड़ी बहुत प्यारी लगी थी और उन्होंने घड़ी की तारीफ की। अम्मी ने वो घड़ी भी छोटी अम्मी को निकाल कर दे दी। तब छोटी अम्मी (मीना कुमारी) ने कहा था कि आप पहले ही अपना सब कुछ दे चुकी हैं। इसके बाद दोनों ही रोने लगीं। रुखसार अमरोही मीना कुमारी को स्कूल के दिनों में खत लिखती थीं, क्योंकि उनकी मां ने उन्हें सिखाया था कि वो हमारी छोटी अम्मी हैं।

--आईएएनएस

पीएस/वीसी