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जाट समाज से माफी मांगें अखिलेश यादव, नहीं तो भुगतना पड़ेगा खामियाजा: भाजपा

 

लखनऊ, 22 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के राष्ट्रीय लोकदल को लेकर 'चवन्नी' वाले बयान, परिवारवाद पर टिप्पणी, राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम समेत कई मुद्दों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष लगातार अपने पुराने सहयोगियों को साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक फितरत से सभी परिचित हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव एक तरफ जयंत चौधरी का अपमान कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जाट समाज को लेकर की गई टिप्पणी भी दुर्भाग्यपूर्ण है। चौधरी चरण सिंह के साथ राजनीति सीखने वाले मुलायम सिंह यादव की विरासत पर बनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का पूरे जाट समाज को राजनीतिक चेतना से वंचित बताना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि जाट समाज इस अपमान को नहीं सहेगा। अखिलेश यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा इसका राजनीतिक खामियाजा सपा को भुगतना पड़ेगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव घबराहट में हैं और उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ रहते हुए सपा चुनावी सफलता हासिल नहीं कर पा रही है, इसलिए अखिलेश अब एनडीए के सहयोगी दलों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। अखिलेश यादव कभी ओम प्रकाश राजभर, कभी संजय निषाद और कभी जयंत चौधरी को लेकर बयान देते हैं।

अखिलेश यादव के उस बयान पर भी भाजपा ने हमला बोला, जिसमें उन्होंने कहा था कि परिवारवाद का एक फायदा यह है कि सपा में परिवार के पांच सांसद हैं और इसी वजह से पार्टी टूटने से बची। राकेश त्रिपाठी ने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सामान्य व्यक्तियों को भी अवसर मिलना चाहिए, जबकि सपा परिवारवाद, जाति और मजहब के समीकरणों पर राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा खुद को राजनीतिक दल कहती है, लेकिन उसका काम करने का तरीका गिरोह जैसा है।

अखिलेश यादव द्वारा भाजपा का अर्थ 'भाग जाओ पाकिस्तान' बताए जाने पर त्रिपाठी ने कहा कि सपा का 'पाक-प्रेम' पुराना है। उन्होंने 2013 में अखिलेश सरकार के दौरान आतंकवाद से जुड़े मामलों में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे वापस लेने की कथित कोशिश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो सरकार आतंकवादियों को छोड़ देती। सपा मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देती है।

राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम को लेकर भाजपा के 'पैसे की गूंज' वाले आरोप पर भी राकेश त्रिपाठी ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को 25-25 हजार रुपए देने और भीड़ जुटाने के लिए पैसे के इस्तेमाल के आरोपों से जुड़े ऑडियो और कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सुनने के लिए लोग स्वतः नहीं पहुंच रहे, इसलिए कांग्रेस पैसे के जरिए कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने की कोशिश कर रही है। त्रिपाठी ने कहा कि 'पैसे वाली पॉलिटिक्स' और पीआर के सहारे जनता का समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता।

--आईएएनएस

पीएसके