☰
×

इजरायल के धर्मगुरु की सनातन पर टिप्पणी निंदनीय, किसी को इसका अधिकार नहीं: सपा

 

लखनऊ, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फकरुल हसन चांद ने इजरायल के धर्मगुरु द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं पर कटाक्ष करने का किसी को अधिकार नहीं है।

इजरायल के धर्म गुरु की टिप्पणी को लेकर सपा प्रवक्ता फकरुल हसन चांद ने कहा, "समाजवादी पार्टी समझती है कि सभी की धार्मिक भावनाएं होती हैं और सबकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए। भारत में जो सनातन धर्म को मानने वाले लोग हैं, करोड़ों-करोड़ों सनातन धर्म के मानने वाले लोग हैं, उनकी धार्मिक भावनाओं पर इस तरह से कटाक्ष करना, टिप्पणी करना समाजवादी पार्टी समझती है कि निंदनीय है।"

उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी की भी धार्मिक आस्था पर चोट करने का कोई अधिकार नहीं है। कोई टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। इसलिए इजरायल के धर्मगुरु की जो टिप्पणी है, वह बेवजह की है। कोई आपके रीति-रिवाजों में कोई टिप्पणी नहीं करता, टोका-टाकी नहीं करता, तो आपको भी किसी के धार्मिक मामलों में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

दरअसल, अमेरिका में रहने वाले इजरायली मूल के रब्बी योसी मिजराही का एक वीडियो सामनने आया है, जिसमें उन्होंने हिंदुओं के गाय की पूजा करने का मजाक उड़ाते हुए कहा कि भारत में लोग गाय का पेशाब पीते हैं। कुछ भारतीय डॉक्टर भी ऐसा करते हैं। उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर गायों के बैठने और उनकी वजह से ट्रैफिक रुकने का भी मजाक उड़ाया।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। ज्ञानेश कुमार को बचाने का जिस तरह का प्रयास भारतीय जनता पार्टी कर रही है, वह पूरा देश देख रहा है। वे भी आंदोलन करेंगे, वे भी प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन भाजपा के खिलाफ तो नहीं है, यह आंदोलन तो चुनाव आयोग के खिलाफ है, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है, लेकिन उन्हें बचाने के लिए पूरी भाजपा सड़क पर होगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी समझती है कि पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए, महाभियोग के लिए पदयात्रा कर रहा है। उसको समाजवादी पार्टी का भी समर्थन प्राप्त है और समाजवादी पार्टी समझती है कि जनता, जो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक सड़क पर है, उसका भी समर्थन प्राप्त है।

गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर उन्होंने कहा कि चुनाव आ गया है। गृह मंत्री यह तो नहीं बताएंगे कि पिछले चुनावों में वे होली और दिवाली पर गैस सिलेंडर का वादा, झूठा वादा करके गए थे। वे फिर झूठ बोलने कब आए हैं?

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए फकरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी समझती है कि जो लोग भगवान श्रीराम का नाम ले रहे हैं, वे चंदा चोरी पर क्यों नहीं बोलते हैं? वे इस बात का जवाब क्यों नहीं देते हैं कि प्रभु श्रीराम के मंदिर में जो निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं, उनका नाम क्या है, उनकी क्या भूमिका थी, उस पर क्यों नहीं जवाब देते हैं? केवल आप गुमराह करेंगे, केवल आप झूठे वादे करेंगे, तो जनता तैयार है, पीडीए तैयार है भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए। गृह मंत्री आ जाएं, पूरी भाजपा आ जाए। 2024 में भी हराया था, 2027 में भी हराएंगे।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि जाति जनगणना हो और जाति जनगणना ईमानदारी से हो, यह बड़ा सवाल है। अभी तक जाति जनगणना पूरी नहीं हो पाई। चुनाव नजदीक आ गया। जो भाजपा समय और तारीख देती है, उन तारीखों में काम पूरा नहीं होता है। तो कहीं न कहीं केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए जाति जनगणना का ऐलान भाजपा द्वारा किया गया था। लेकिन ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से ईमानदार नहीं है। अगर यहां सरकार बनती है तो यूसीसी लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि तमाम मतभेदों को आप गोमती नदी में फेंकिए और एकता की तरफ पैर जमाइए।

यूसीसी को लेकर सपा प्रवक्ता ने कहा कि गोमती भी तो गंदी हो गई है। गोमती को भी साफ करने का वादा किया था। गोमती कब साफ होगी? उत्तर प्रदेश की नदियां कब साफ होंगी? इस बारे में भी तो बताना चाहिए। जहां तक यूसीसी का सवाल है, तो दस साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। दस साल में यूसीसी क्यों नहीं ले आए? और बचे हुए दो-तीन महीनों में यूसीसी क्यों नहीं ला पा रहे हैं? आप यूसीसी अगले साल लेकर आएंगे। आपको केवल वोट चाहिए, लोगों को भड़काना है, लोगों को बांटना है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी समझती है कि भारतीय जनता पार्टी के पास हिंदू-मुसलमान, मंदिर-मस्जिद, भजन, कीर्तन, अजान, लव जिहाद, हिजाब, नकाब, मदरसा, फिल्में, मजारें, यूसीसी, हलाल जैसे मुद्दों के अलावा कोई मुद्दा ही नहीं है। इसलिए जब इनसे पूछिए कि 18,000 से 26,000 से ज्यादा प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए, तो कोई जवाब नहीं। जो लोग गोमती में कचरा फेंकने की बात कर रंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंहे हैं, उनको गोमती साफ करने पर भी जवाब देना चाहिए।

सीएम योगी के 'बंटोगे तो कटोगे' वाले बयान पर उन्होंने कहा कि कार्यसमिति में सीएम ने कहा कि 79,000 शिक्षक भर्ती में किसने पिछड़ों का आरक्षण खा लिया? कौन लोगों को बांटने का काम कर रहा है? ये कौन भाजपा के लोग हैं जो लखनऊ के काकोरी में एक दलित को मजबूर करते हैं? और वह व्यक्ति, जो भाजपा से जुड़ा हुआ है, वह जेल भी नहीं जाता, अस्पताल में भर्ती होता है और वहीं से निकल जाता है। कौन लोग बांट रहे हैं? जो लोग 26,000 से ज्यादा प्राथमिक विद्यालय बंद कर रहे हैं, उनके पास कोई जवाब नहीं है।

--आईएएनएस

केके/पीएम