×

क्या पासपोर्ट नागरिकता का सबूत है? वीडियो में जाने विदेश मंत्रालय के बयान के बाद छिड़ी बहस

 

विदेश मंत्रालय ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है। मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को विदेश यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है ऐसा ही मत

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/Fom3fWpM7b0?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/Fom3fWpM7b0/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अब विदेश मंत्रालय के बयान के बाद नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेजों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और वरिष्ठ वकील एवं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट भी नागरिकता का दस्तावेज नहीं है, तो आखिर किस दस्तावेज को नागरिकता का प्रमाण माना जाएगा। वहीं, प्रसिद्ध गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि जब पासपोर्ट को नागरिकता का "100 प्रतिशत अंतिम और अकेला सबूत" नहीं माना जाता, तो फिर ऐसा कानून क्यों बनाया जा रहा है, जिसमें नागरिकता साबित करने को लेकर विवाद पैदा हो रहा है।

कौन से दस्तावेज नागरिकता साबित करने में काम आते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऐसा कोई एक दस्तावेज नहीं है जिसे हर परिस्थिति में नागरिकता का अंतिम और सार्वभौमिक प्रमाण माना जाए। नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है। अलग-अलग मामलों में जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता से जुड़े रिकॉर्ड, नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि जारी हुआ हो), या अन्य वैधानिक दस्तावेजों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा परखा जा सकता है।

बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस

विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद नागरिकता और दस्तावेजों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से इस विषय पर स्पष्टता की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पासपोर्ट का उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाना है और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।