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ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमले का आरोप, वीडियो में जाने जवाब में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक का दावा

 

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है। ईरान ने अमेरिका पर बुशहर परमाणु बिजली फैसिलिटी के पास हवाई हमला करने का आरोप लगाया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला दोपहर करीब 12 बजे हुआ। हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई थी। बुशहर परमाणु बिजली संयंत्र ईरान की सबसे महत्वपूर्ण परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। इसके पास किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अमेरिका ने ईरान के 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

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वहीं, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने पिछले दो दिनों में ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था। अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइलों के भंडार, सैन्य स्पीड बोट और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद तटीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और सहयोगी देशों के हितों की सुरक्षा के लिए की गई। होर्मुज स्ट्रेट रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इलाका है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।

ईरान का पलटवार, अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले का दावा

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी पलटवार का दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, उसने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं।ईरानी सेना ने दावा किया कि इन हमलों में कुवैत के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर के अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइट एंटीना और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सेना के ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया।ईरान का कहना है कि ये हमले अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का जवाब हैं और उसकी सेना क्षेत्र में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा युद्ध का खतरा

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र पर दिखाई देने लगा है। कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी लंबे समय से रही है। ऐसे में इन ठिकानों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई लगातार जारी रहती है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है।