ईरान संघर्ष को लेकर पाकिस्तान में शांति वार्ता मुश्किल, वजह पीएम शहबाज!
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान संघर्ष का पटाक्षेप देखने की ख्वाहिश पूरी दुनिया की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शांति वार्ता को लेकर ग्रीन सिग्नल दिया और पाकिस्तान की तारीफ करते हुए वहीं कराने का संकेत भी दिया। लेकिन इसमें सबसे बड़ी मुश्किल शांति वार्ता की मशाल थामने वाले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ही हैं।
ट्रंप ने कहा कि आगामी दो-तीन दिनों में बातचीत शुरू हो जाएगी लेकिन ऐसा मुमकिन इसलिए नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री शहबाज और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार दोनों तीन देशों के दौरे पर इस्लामाबाद से रवाना हो चुके हैं। वो 15 से 18 अप्रैल तक देश में नहीं रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया। साफ दिख रहा है कि वार्ता को लेकर इस्लामाबाद खास उत्साहित नहीं है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक हाई-लेवल डेलीगेशन के साथ, सऊदी अरब, तुर्की और कतर के चार दिन के आधिकारिक दौरे पर बुधवार को निकल गए; इससे गुरुवार या शुक्रवार को इस्लामाबाद में ईरान-यूएस के बीच दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीदें कम हो गई हैं।
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से द गार्डियन ने कहा कि इस परिस्थिति में गुरुवार को ईरान और यूएस की बातचीत होना बहुत मुश्किल हो गया है।
दूसरी ओर ईरानी सूत्र भी यही कह रहे हैं। सूत्रों के हवाले से ही कहा जा रहा है कि फिलहाल कोई तारीख या कोई जगह तय नहीं की गई है।
28 फरवरी को यूएस-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक में तेहरान को काफी नुकसान पहुंचा। 40 दिन बाद 2 हफ्ते की अस्थायी शांति का फरमान जारी किया गया। इस बीच 9-10 अप्रैल को इस्लामाबाद टॉक्स का आयोजन कराया गया। वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद से ही विकल्प और संभावनाओं को लेकर चर्चा छिड़ गई थी। इस बीच ट्रंप ने द पोस्ट को दिए टेलीफोनिक साक्षात्कार में अगले दो दिनों में शांति वार्ता की गुंजाइश का विश्वास दिलाया था।
--आईएएनएस
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