ईरान ने सभी खतरों को बताया ‘वास्तविक’, सैन्य तैयारियां बढ़ाने का संकेत
तेहरान, 2 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री माजिद इब्न अल-रेजा ने कहा है कि उनका देश अपने विरोधियों की ओर से आने वाली हर धमकी को “वास्तविक और विश्वसनीय” मानता है, भले ही वह मनोवैज्ञानिक युद्ध (साइकोलॉजिकल वॉरफेयर) का हिस्सा ही क्यों न हो।
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, अल-रेजा ने कहा कि तेहरान किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लेगा और न ही किसी संभावित चुनौती के प्रति निष्क्रिय रहेगा।
उन्होंने कहा, “हम न तो अचानक होने वाली किसी स्थिति से अनजान रहेंगे और न ही निष्क्रिय बने रहेंगे। यहां तक कि यदि कोई धमकी मनोवैज्ञानिक युद्ध के तहत दी जाती है, तब भी हम उसे गंभीरता से लेते हैं।”
कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान ऐसी धमकियों को अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने के आधार के रूप में देखता है। उनके अनुसार, देश अपनी प्रतिरोधक क्षमता (डिटरेंस) बढ़ाने और सैन्य क्षमताओं को और उन्नत करने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
अल-रेजा ने कहा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की सशस्त्र सेनाएं लगातार सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता की रक्षा ईरान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
ईरानी अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी तनाव और विभिन्न पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि उन्होंने ईरान पर हमला फिलहाल टाल दिया है।
इनसे पहले ईरानी सांसद हसन गशगावी ने अमेरिका पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन एक तरफ हमले की धमकी देता है, दूसरी तरफ बातचीत की कोशिश करता है।
गशगावी ने कहा, "अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को धोखा नहीं दे सकता। जंग हो या बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही का फैसला ईरान ही करेगा।"
--आईएएनएस
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