ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया गैरकानूनी, इराक से उचित कदम उठाने की अपील
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के उन प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, जिनके तहत वह ईरान और दूसरे देशों के बीच व्यापार और हवाई यातायात में रुकावट पैदा कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इराक से इन्हें हटाने के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है।
भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया साझा की।
पोस्ट में लिखा, “ईरान के इस्लामी गणराज्य का विदेश मंत्रालय अमेरिका की ओर से लगाए गए गैरकानूनी और अमानवीय प्रतिबंधों की निंदा करता है। अमेरिकी सरकार ईरान और दूसरे देशों के बीच व्यापार और हवाई यातायात में रुकावट पैदा कर रही है।”
विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका के ये कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ हैं। ये मानवाधिकारों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, ऐसे कदम देशों के बीच दोस्ताना रिश्तों, खासकर पड़ोसी देशों के संबंधों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने ईरान और इराक के लोगों के बीच ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के करीबी और भाईचारे वाले रिश्तों का जिक्र किया। मंत्रालय का मानना है कि ईरान और इराक के बीच वाणिज्यिक उड़ानों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियां दोनों देशों के हितों और उनके साझा हितों के खिलाफ हैं।
मंत्रालय ने कहा कि ईरान और इराक के रिश्ते दोनों देशों के बीच पैदा होने वाली अस्थायी परिस्थितियों से कहीं ज्यादा गहरे हैं। ये रिश्ते लोगों के पुराने संबंधों और अलग-अलग क्षेत्रों में दोनों देशों के साझा हितों पर टिके हुए हैं। हर साल लाखों ईरानी और इराकी नागरिक कारोबार और आर्थिक गतिविधियों, धार्मिक स्थलों की यात्रा, पर्यटन, पढ़ाई, इलाज और दूसरे कामों के लिए हवाई सफर करते हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच इस तरह की आवाजाही और मेलजोल को देखते हुए जरूरी है कि इस मुद्दे पर स्वतंत्र, जिम्मेदार और भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाए, जो दोनों देशों के साझा हितों पर आधारित हो।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच हवाई यातायात पर लगाई गई पाबंदियों से लाखों यात्रियों में से सैकड़ों हजारों लोगों, मरीजों, छात्रों और कारोबार से जुड़े लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ईरान का कहना है कि दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांत को देखते हुए ऐसी पाबंदियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
मंत्रालय ने कहा कि ईरान का इस्लामी गणराज्य इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करता है। साथ ही, उसने इराक से अपील की है कि वह अमेरिका के आर्थिक दबाव और धमकाने वाली नीतियों से निपटने के लिए उचित कदम उठाए, ताकि इन पाबंदियों को हटाया जा सके और दोनों देशों के बीच सामान्य हवाई सेवाएं फिर से शुरू हो सकें। ईरान का कहना है कि ऐसा करना दोनों देशों की सरकारों और लोगों के हित में होगा।
--आईएएनएस
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