ईरान में फंसे सैकड़ों भारतीय छात्रों ने सरकार से सुरक्षित घर वापसी की लगाई गुहार
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के मौजूदा हालात के बीच सैकड़ों भारतीय छात्र अलग-अलग बॉर्डर इलाकों में फंसे हुए हैं, जहां से उनकी सुरक्षित वापसी एक बड़ी चुनौती बन गई है। लगातार बिगड़ते हालात के बीच छात्र और उनके परिजन डरे हुए हैं और भारत सरकार से जल्द से जल्द सुरक्षित निकासी की मांग कर रहे हैं।
सीमित संसाधनों और धीमी प्रक्रिया के चलते छात्रों को एक-एक करके निकाला जा रहा है, जिससे देरी और चिंता दोनों बढ़ रही हैं।
अखिल भारतीय मेडिकल छात्र संघ के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि ईरान में अभी भी 26 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। इसके अलावा ईरान और अजरबैजान के बॉर्डर में करीब 84 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। यहां से एक बार में दस-दस छत्रों को बॉर्डर पार कराया जा रहा है। छत्रों को एक कोड देकर यहां से निकाला जा रहा है।
इस प्रक्रिया में बहुत समय लग रहा है। छात्र लगातार अपने परिजनों के संपर्क में बने हुए हैं और अपनी परेशानी बता रहे हैं। भारत में इन छात्रों के परिजन भी परेशान हो रहे हैं। छात्र यहां 15 से 20 दिन से फंसे हुए हैं और परेशान हो रहे हैं। हालांकि भारतीय दूतावास इनकी पूरी तरह से मदद कर रहा है। जरूरत की हर चीज इनको उपलब्ध कराई जा रही है, फिर भी ईरान के जो हालात हैं, वो चिंता का विषय हैं। यहां कोई भी चीज सेफ नहीं है।
इसके अलावा, ईरान और अर्मेनिया की सीमा पर भी हमारे करीब 53 भारतीय छात्र वहां पर फंसे हुए हैं। वो छात्र वहां बहुत ही ज्यादा परेशान हैं। उनका कहना है कि वो बार-बार टिकट बुक कर रहे हैं, लेकिन दो से तीन घंटे बाद ही टिकट कैंसिल हो जाती है। वो लगातार कॉल करके मदद की गुहार लगा रहे हैं।
अखिल भारतीय मेडिकल छात्र संघ के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि अब तक कई छात्रों को यहां से सकुशल निकाल कर घर पहुंचाया गया है। वैसे ही बाकी फंसे छात्रों को भी यहां से जल्द से जल्द से निकाला जाए। इधर-उधर फंसे छात्रों को एक जगह करके सुरक्षित घर वापसी कराई जाए।
डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने कहा कि उनके माता-पिता बेहद चिंतित हैं, और छात्र खुद भी परेशान और अनिश्चितता की स्थिति में हैं। हमारी मांग है कि ईरान में स्थित भारतीय दूतावास तत्काल हस्तक्षेप करे और यह सुनिश्चित करे कि सभी फंसे हुए भारतीय छात्रों को सुरक्षित रूप से बॉर्डर पार कराया जाए।
--आईएएनएस
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