आईपीएल 2026 में रनों के लिए तरस रहे सूर्यकुमार यादव, टीम इंडिया का भी बढ़ाया 'सिरदर्द'
नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। 10 मुकाबलों में 195 रन। बल्लेबाजी औसत महज 19.50। 10 मुकाबलों में सिर्फ एक अर्धशतक और सर्वाधिक स्कोर 51 रन। मुंबई इंडियंस (एमआई) के बैटिंग ऑर्डर की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले सूर्यकुमार यादव के ये आईपीएल 2026 के अब तक के आंकड़े हैं। सूर्यकुमार का बल्ला इस सीजन पूरी तरह से खामोश नजर आया है।
सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म का असर मुंबई इंडियंस के प्रदर्शन पर भी सीधा पड़ता है। पिछले सीजन सूर्यकुमार ने 16 मुकाबलों में 167 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 717 रन बनाए थे, जिसके दम पर एमआई दूसरे क्वालिफायर तक पहुंचने में सफल रही थी। हालांकि, इस सीजन सूर्यकुमार की गिरती फॉर्म का असर एमआई की हालिया फॉर्म में साफतौर पर दिखाई दिया है। 10 मुकाबलों में से एमआई सिर्फ 3 में ही जीत दर्ज कर सकी है, जबकि 7 मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है।
सूर्यकुमार के लिए रनों का यह सूखा सिर्फ आईपीएल में नहीं रहा है, बल्कि भारतीय टीम की जर्सी में भी वह रनों के लिए जूझ रहे हैं। टी20 विश्व कप 2026 में भी सूर्यकुमार ने 9 पारियों में 242 रन बनाए थे, और उनका स्ट्राइक रेट 136 का रहा था, जो आमतौर पर इससे कहीं अधिक रहता है। पूरे टूर्नामेंट में सूर्यकुमार सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके थे।
साल 2025 में सूर्या ने खेली 21 टी20 इंटरनेशनल पारियों में 123 के स्ट्राइक रेट से महज 218 रन बनाए थे। पूरे साल सूर्यकुमार एक अर्धशतक तक नहीं लगा सके थे। गिरती फॉर्म के कारण सूर्यकुमार की टी20 टीम में जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खबरों के अनुसार, सूर्यकुमार की टी20 कप्तानी पर भी खतरा मंडराना शुरू हो गया है।
सूर्यकुमार ने अपनी कप्तानी में भारत को इसी साल टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जिताया था। उनकी कप्तानी तो मैदान पर काफी शानदार रही है, लेकिन दिन-प्रतिदिन गिरती फॉर्म भारतीय टीम मैनजेमेंट के लिए चिंता का विषय बन गई है। सबसे बड़ी दिक्कत की बात यह है कि सूर्यकुमार अच्छी शुरुआत करने के बाद अपना विकेट देकर पवेलियन लौट रहे हैं।
खराब फॉर्म का दबाव सूर्यकुमार की बल्लेबाजी और आईपीएल 2026 में उनके स्ट्राइक रेट में भी नजर आया है। सूर्यकुमार का फॉर्म में लौटना मुंबई इंडियंस और टीम इंडिया के लिहाज से भी बेहद जरूरी है। भारतीय टी20 कप्तान का बल्ला अगर आगे भी इसी तरह से खामोश रहा, तो उनके लिए रास्ता मुश्किल हो सकता है।
--आईएएनएस
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