LPU में हिंसा के बाद इंटरनेट बंद, 10 दिन के लिए क्लास स्थगित; वीडियो में जाने महिला आयोग ने मांगी FIR और जांच रिपोर्ट
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। परिसर और आसपास के इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा अगले आदेश तक बंद कर दी गई है, ताकि सोशल मीडिया पर अफवाहों और अपुष्ट वीडियो के जरिए स्थिति दोबारा न बिगड़े। विश्वविद्यालय ने भी 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी हैं।
हिंसा के बाद भारी पुलिस बल तैनात
LPU में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबरों के बाद रविवार को विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे-44 को भी कई घंटे तक जाम रखा।
मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। पुलिस CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।पंजाब के DGP गौरव यादव ने सोमवार को LPU पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट वीडियो, ऑडियो और अफवाहें सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
CM भगवंत मान ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले का संज्ञान लेते हुए हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर DGP गौरव यादव ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। फिलहाल कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं।हिंसा के बाद कई छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को हॉस्टल या अपने आवास में रहने और किसी भी तरह की अशांति से दूर रहने की सलाह दी है।
महिला आयोग ने मांगी FIR और जांच की रिपोर्ट
पंजाब राज्य महिला आयोग ने LPU मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कपूरथला के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने FIR की कॉपी, SIT के गठन और अब तक हुई जांच की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट 30 सितंबर तक मांगी गई है।आयोग ने गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा इंतजामों की भी जानकारी मांगी है। इसमें CCTV कैमरों की निगरानी, सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती और छात्राओं के आने-जाने की निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का विवरण शामिल है। आयोग ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान संबंधित छात्रा की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
'आउटसाइडर्स' को लेकर पुलिस की जांच
LPU विवाद में बाहरी लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। DGP गौरव यादव ने कहा है कि पुलिस CCTV और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है और शुरुआती जांच में बाहरी उपद्रवियों की मौजूदगी की बात सामने आई है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।इस बीच विश्वविद्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन स्थिति सामान्य करने के लिए छात्रों तथा प्रबंधन के बीच बातचीत कर रहा है। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल कैंपस में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ वायरल हो रही अपुष्ट सूचनाओं को रोकना है।