घायल तेंदुए ने रेस्क्यू टीम पर किया हमला: कर्नाटक में हाईवे पर घायल पड़ा था, वीडियो में देंखे भीड़ के शोर से हुआ आक्रामक; कर्मचारी घायल
कर्नाटक के दावणगेरे जिले में एक घायल तेंदुए के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। इलाज और बचाव के लिए पहुंची वन विभाग की टीम पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। हमले में वन विभाग का एक कर्मचारी घायल हो गया। घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें तेंदुआ एक कर्मचारी को जमीन पर गिराकर हमला करता दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब वन विभाग की टीम हाईवे पर घायल पड़े तेंदुए को बचाने पहुंची थी। तेंदुआ एक कार की टक्कर लगने के बाद घायल हो गया था और सड़क किनारे पड़ा हुआ था।
कार की टक्कर से घायल हुआ था तेंदुआ
वन विभाग को सूचना मिली थी कि दावणगेरे जिले के हाईवे पर एक तेंदुआ घायल हालत में पड़ा है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम पशु चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंची।टीम ने तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू की। पशु चिकित्सक उसे बेहोश करने के लिए दवा देने की प्रक्रिया कर रहे थे। शुरुआत में तेंदुआ शांत था और टीम धीरे-धीरे उसे पकड़ने की कोशिश कर रही थी।
भीड़ के शोर से भड़का तेंदुआ
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कई लोग तेंदुए की फोटो और वीडियो बनाने लगे। भीड़ के शोर और हलचल से घायल तेंदुआ अचानक असहज हो गया।बताया गया कि दवा का असर पूरी तरह होने से पहले ही तेंदुआ आक्रामक हो गया और उसने अचानक वन विभाग के एक कर्मचारी पर हमला कर दिया।
कर्मचारी को जमीन पर गिराकर किया हमला
वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुआ तेजी से कर्मचारी की ओर बढ़ता है और उसे जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद वह पंजों से हमला करने लगता है।तेंदुए के हमले के बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई की और डंडों की मदद से उसे कर्मचारी से दूर किया। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने स्थिति को संभाला और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू में किया।
घायल कर्मचारी की हालत स्थिर
हमले में वन विभाग के कर्मचारी के हाथ और पैर पर खरोंच आई है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है।वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर भीड़ न लगाएं और शोर-शराबा न करें। अधिकारियों का कहना है कि घायल जानवर पहले से तनाव में होता है और किसी भी तरह की हलचल उसे आक्रामक बना सकती है।
वन्यजीव रेस्क्यू में सावधानी जरूरी
वन विशेषज्ञों के अनुसार, घायल या डरे हुए जंगली जानवरों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद संवेदनशील होता है। ऐसे समय में प्रशिक्षित टीम और पशु चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है।दावणगेरे की घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि वन्यजीवों के करीब जाकर वीडियो बनाना या भीड़ लगाना न सिर्फ जानवरों के लिए बल्कि इंसानों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।