इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर राजनीति? प्रियंका चतुर्वेदी ने सीएम मोहन यादव की टिप्पणी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
मुंबई, 17 जनवरी (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर सीएम मोहन यादव द्वारा की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा को यह समझना चाहिए कि हर विषय राजनीति का नहीं होता।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों को शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्होंने मौतों के इस सिलसिले को जारी रहने दिया। चाहे मामला कफ सिरप से बच्चों की मौत का हो या दूषित पानी से लोगों की जान जाने का, सरकार की लापरवाही साफ तौर पर सामने आई है। मुख्यमंत्री को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि उनकी सरकार के काम करने के तरीके के कारण ऐसी घटनाएं हुईं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि देश में एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने यह फैसला लिया कि वह उन परिवारों से मिलने जाएंगे, जिनके साथ ऐसी दुखद घटनाएं हुई हैं, लेकिन इसके बजाय शासन और प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत हो गई थी, लेकिन उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला सामने आया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई इन पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जता रहा है तो उसे लाशों पर राजनीति क्यों कहा जा रहा है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने बयान में कहा था कि कांग्रेस अब इंदौर की घटना के बाद हाय-हाय कर रही है, जबकि हैदराबाद में पानी के कारण कई लोगों की मौत हुई और हिमाचल प्रदेश में 30 से ज्यादा लोग मारे गए, तब राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता चुप थे। इसी बयान को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने बीएमसी चुनाव के परिणामों को लेकर विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि जनता ने उन्हें भरोसे के साथ चुना है और अब उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे चुनाव के दौरान किए गए सभी वादों को पूरा करें। उन्होंने मुंबई की जनता का भी आभार जताया और कहा कि चुनाव के दौरान यह साफ तौर पर देखने को मिला कि किस तरह एक झूठा एजेंडा आगे बढ़ाया गया, विरोधी आवाजों को हाशिए पर डालने की कोशिश की गई, और विकास से जुड़े फंड सत्ता में बैठे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर दिए गए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने एआईएमआईएम को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पार्टी भारतीय जनता पार्टी की एक तरह से बी-टीम बनकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस बात को अलग से समझाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सभी को पता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में एआईएमआईएम को जिन सीटों पर जीत मिली है, उनमें से कई वही क्षेत्र हैं जिन समुदायों को वह लगातार बाहरी बताने की कोशिश करते रहे हैं। यह राजनीति समाज को बांटने वाली है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
--आईएएनएस
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