इंडोनेशिया: पैसेंजर फेरी में आग लगने से एक की मौत, 106 को सुरक्षित निकाला गया
जकार्ता, 12 अगस्त (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के लोम्बोक स्ट्रेट के पास बुधवार सुबह एक पैसेंजर फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग लग गई। इस हादसे में एक शख्स की मौत हो गई जबकि 106 को सुरक्षित निकाल लेने का दावा रेस्क्यू टीम ने किया है। स्थानीय बचाव दल, माताराम सर्च एंड रेस्क्यू (एसएआर) टीम के अनुसार बचाए गए सवारों को लोम्बोक के लेम्बर बंदरगाह और बाली के पदांगबाई बंदरगाह तक पहुंचाया गया।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने एसएआर प्रमुख मुहम्मद हरियादी के हवाले से बताया कि यात्रियों को एसएआर एजेंसी, इंडोनेशियन नेवी, केएमपी पोर्ट लिंक के जहाजों और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर बचाया। यह फेरी नियमित तौर पर लेम्बर पोर्ट-पदांगबाई पोर्ट रूट पर चलती है।
बचे हुए लोगों में से एक ऑस्ट्रेलियाई और बाकी इंडोनेशियाई थे। हरियादी ने कहा कि उन्हें कई जहाजों का इस्तेमाल करके बाली और लोम्बोक के पोर्ट पर निकाला गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में 200 से अधिक लोगों को लगाया गया था, जबकि लापता यात्रियों की तलाश जारी थी।
इंडोनेशिया की अंतारा न्यूज एजेंसी के अनुसार, हरियादी ने कहा, "हमने लोगों को निकालने और आस-पास के दूसरे जहाजों के साथ कोऑर्डिनेट करने के लिए केएन 220 माताराम, एक रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट (आरआईबी), और एक रिजिड बॉयेंसी बोट (आरबीबी) को उस जगह पर भेजा।" उन्होंने बताया कि 30 सवारों को केएमपी पोर्ट लिंक से पदांगबाई तक निकाला गया, 59 को केएन एसएआर अर्जुन 220 से लेम्बर पोर्ट तक और 17 को नेवी के एक जहाज से लेम्बर तक निकाला गया।
माताराम एसएआर कार्यालय ने डेनपसार एसएआर के साथ मिलकर काम किया। डेनपसार एसएआर ने ही ऑपरेशन में मदद के लिए केएन एसएआर अर्जुन को भेजा था। इस बीच, एसजीआई एयर बाली ने हवाई निगरानी और सर्चिंग के कामों के लिए एक हेलीकॉप्टर तैनात किया है।
निकालने की प्रक्रिया में इंडोनेशियाई नेवी, वेस्ट लोम्बोक पुलिस, वॉटर और एयर पुलिस (पोलाइरुड), लेम्बर पोर्ट हार्बरमास्टर, केएमपी पोर्टलिंक II, वहां से गुजरने वाली यॉट और स्थानीय मछुआरे शामिल थे।
हरियादी ने बताया कि बुधवार सुबह वेस्ट नुसा तेंगारा के लोम्बोक स्ट्रेट में पुत्री यास्मीन फेरी में आग लग गई थी। आग लगने की खबर सुबह 4:15 बजे मिली, जब फेरी पदांगबाई पोर्ट से लेम्बर पोर्ट की ओर जा रही थी। सुबह 4:39 बजे इमरजेंसी रिपोर्ट मिलने पर, माताराम एसएआर कार्यालय ने तुरंत लोगों को भेजा ताकि फेरी में सवार लोगों को निकाला जा सके।
--आईएएनएस
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