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इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर भारत-अमेरिका के बीच अहम रणनीतिक चर्चा

 

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस) सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2026 के दौरान भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने विभिन्न देशों के शीर्ष सैन्य और रणनीतिक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। इन बैठकों में भारत की रक्षा कूटनीति को नई मजबूती दी गई। इन बैठकों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, सामरिक सहयोग, उभरती चुनौतियों और रक्षा साझेदारी को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

यहां रक्षा सचिव ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो से मुलाकात की। इस वार्ता में भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया। बातचीत में सैन्य सहयोग बढ़ाने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने तथा नई सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने पर सहमति बनी।

दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सामरिक साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में रक्षा सचिव ने नाटो मिलिट्री कमेटी के अध्यक्ष एडमिरल ग्यूसेप्पे कावो ड्रागोने के साथ भी बैठक की। इस दौरान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और सामरिक संवाद को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

भारत ने प्रमुख बहुपक्षीय रक्षा संगठनों के साथ रचनात्मक सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सिंगापुर में रक्षा सचिव ने कई प्रतिष्ठित थिंक टैंकों और शिक्षाविदों के साथ भी संवाद किया। ‘स्थिर, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए भारत की रक्षा कूटनीति’ विषय पर अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारत की दीर्घकालिक सोच और रणनीतिक दृष्टिकोण को विस्तार से रखा।

उन्होंने कहा कि भारत मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक व्यवस्था का समर्थक है। रक्षा औद्योगिक सहयोग, नई तकनीकों तथा साझेदारी के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना चाहता है। इस कार्यक्रम में सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले भी मौजूद रहे।

रक्षा सचिव ने कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के सीनियर एसोसिएट डिप्टी मिनिस्टर केल्विन ब्रोसो से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-कनाडा रक्षा सहयोग को नई दिशा देने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।

यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक हितों और सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सेशेल्स सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट के साथ भी वार्ता की। बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। शांगरी-ला डायलॉग 2026 के दौरान हुई ये उच्चस्तरीय बैठकें भारत की सक्रिय रक्षा कूटनीति, इंडो-पैसिफिक में उसकी बढ़ती भूमिका और वैश्विक सुरक्षा ढांचे में उसके मजबूत होते प्रभाव को दर्शाती हैं।

भारत लगातार अपने मित्र देशों और रणनीतिक साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाकर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा में अहम योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी