गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट के एक इंजन में खराबी, 229 यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग; वीडियो में जाने 14 हजार फीट से लौटा विमान
गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट में उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद तकनीकी खराबी की सूचना मिली। इसके बाद पायलट ने विमान को वापस गोवा के मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाने का फैसला किया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई और इसमें सवार सभी 229 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद विमान की विस्तृत मेंटेनेंस जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट 6E 2102 ने बुधवार सुबह 9:16 बजे गोवा के मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद विमान के एक इंजन में तकनीकी समस्या की जानकारी मिली। स्थिति को देखते हुए पायलट ने विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय वापस गोवा लौटने का निर्णय लिया।विमान ने सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षित रूप से मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। इस तरह उड़ान भरने के महज करीब 14 मिनट बाद विमान वापस एयरपोर्ट पहुंच गया। विमान में उस समय कुल 229 यात्री सवार थे। किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
14 हजार फीट की ऊंचाई पर वापस मुड़ा विमान
Flightradar24 के डेटा के मुताबिक, तकनीकी समस्या की सूचना मिलने के बाद विमान ने वापस गोवा की दिशा में मोड़ लिया। उस समय विमान करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। पायलट ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए विमान को वापस एयरपोर्ट लाया और सुरक्षित लैंडिंग कराई।घटना के बाद एयरपोर्ट पर विमान की जांच की गई। इंडिगो ने बताया कि विमान फिलहाल मेंटेनेंस जांच के दौर से गुजर रहा है। विमान को सभी जरूरी जांच और मंजूरियां मिलने के बाद ही दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।
यात्रियों के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था
इंडिगो ने घटना को लेकर यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है। एयरलाइन के मुताबिक यात्रियों को परेशानी कम करने के लिए खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराई गईं। यात्रियों को स्थिति के बारे में समय-समय पर जानकारी भी दी गई।एयरलाइन ने यह भी बताया कि यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की जा रही है, ताकि वे अपने गंतव्य दिल्ली तक पहुंच सकें।फिलहाल इंडिगो की तकनीकी टीम विमान की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इंजन में आई खराबी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को जरूरी तकनीकी मंजूरी मिलने तक सेवा में वापस नहीं लेने की बात कही है।