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भारत की नई रणनीति, वीडियो में देंखे UAE से समुद्र के नीचे पाइपलाइन की तैयारी

 

होर्मुज संकट के बीच भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने और पश्चिम एशिया में किसी भी संभावित आपूर्ति बाधा के असर को कम करने के लिए विकल्पों पर काम कर रहा है। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के साथ समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन की व्यवहार्यता का अध्ययन भी किया जा रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल में UAE के विदेश व्यापार मंत्री थानी बिन अहमद अल जेउदी के साथ बैठक के बाद ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

UAE से LPG और LNG आपूर्ति बढ़ाने पर जोर

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बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत UAE को LPG और LNG के बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में विकसित करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों देश ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ भारत में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को मजबूत करने के तरीकों पर भी काम कर रहे हैं। इसके अलावा गैस को समुद्र के रास्ते पाइपलाइन के जरिए भारत तक पहुंचाने और स्टोरेज से जुड़ी संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है।

इस पहल का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। हालिया क्षेत्रीय तनाव के बीच इस मार्ग से तेल परिवहन और शिपिंग गतिविधियों पर असर पड़ा है। ऐसे में भारत ऊर्जा आपूर्ति के लिए अलग-अलग स्रोतों और रास्तों पर निर्भरता बढ़ाने की दिशा में विकल्प तलाश रहा है।

MEIDP को लेकर क्या है स्थिति?

समुद्र के नीचे मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन यानी MEIDP की चर्चा पहले भी होती रही है। हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जून 2026 में स्पष्ट किया था कि गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ने वाली ऐसी कोई परियोजना उस समय मंत्रालय के विचाराधीन नहीं थी और ओमान या अन्य खाड़ी देशों के साथ इस संबंध में कोई सक्रिय बातचीत या वार्ता नहीं चल रही थी।

वहीं, सितंबर में भारत-UAE ऊर्जा सहयोग को लेकर सामने आई जानकारी में समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन की व्यवहार्यता का अध्ययन किए जाने की बात कही गई है। इसलिए मौजूदा स्थिति में इसे किसी स्वीकृत MEIDP परियोजना के बजाय सबसी पाइपलाइन की संभावनाओं के अध्ययन के रूप में देखना अधिक सटीक है।

अरब सागर के रास्ते भारत तक ऊर्जा पहुंचाने का विचार

भारत तक समुद्र के नीचे गैस पहुंचाने का विचार नया नहीं है। पहले भी ओमान से भारत के पश्चिमी तट तक डीप-सी गैस पाइपलाइन की संभावनाओं पर अध्ययन और प्रस्ताव सामने आते रहे हैं। वन्यजीव संस्थान की एक परियोजना केस स्टडी में ओमान से गुजरात के कच्छ क्षेत्र तक समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन का एक पुराना प्रस्ताव भी दर्ज है।

अगर भविष्य में ऐसी परियोजना तकनीकी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य पाई जाती है और उसे मंजूरी मिलती है, तो भारत के लिए समुद्री रास्तों से ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार हो सकता है। फिलहाल प्राथमिकता ऊर्जा स्रोतों, आपूर्ति मार्गों और रणनीतिक भंडार को मजबूत करने पर है। भारत-UAE के बीच बढ़ता ऊर्जा सहयोग इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।