☰
×

भारतीय शेयर बाजार लगातार छठे दिन तेजी के साथ बंद, मार्केटकैप 28 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

 

मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 2,008.61 अंक या 2.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,310.01 और निफ्टी 576 अंक या 2.40 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,536.60 पर था।

बाजार में लगातार छह दिनों की तेजी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप करीब 28 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 501 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो कि 28 अक्टूबर को 473 लाख करोड़ रुपए था।

कारोबारी सत्र में बाजार में व्यापक आधार पर तेजी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 106.05 अंक या 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,132.45 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,115.40 अंक या 1.87 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,620.90 पर था।

सूचकांकों में निफ्टी ऑटो (4.14 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (3.99 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (3.52 प्रतिशत) टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.44 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (3.13 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (2.42 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (2.32 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.16 प्रतिशत), निफ्टी कंज्पशन (1.94 प्रतिशत) और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग (1.29 प्रतिशत) सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे।

दूसरी तरफ निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.69 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (0.84 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (0.52 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसई (0.02 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुए।

सूचकांकों में बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, सन फार्मा, एलएंडटी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, टाटा स्टील, एचयूएल और ट्रेंट गेनर्स थे। भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, आईटीसी, बीईएल और एनटीपीसी लूजर्स थे।

बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने भारतीय शेयर बाजार को नई गति दी है। बाजार में तेजी इस उम्मीद से आई है कि वाशिंगटन का रुख अब थोड़ा संयमित हो सकता है, जिससे ईरान विवाद और टैरिफ नीतियों से जुड़े तनाव कम होने की राह खुल सकती है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आने का खतरा कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में नरमी आने से भारत के महंगाई के अनुमान और बाहरी खातों पर दबाव भी कम हुआ है।

--आईएएनएस

एबीएस