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भारत के एथलीट जाएंगे पाकिस्तान! 2027 SAF Games में हिस्सा लेने पर बनी सहमति, 23 साल बाद पड़ोसी देश में खेलेंगे भारतीय खिलाड़ी

 

भारत के एथलीट जाएंगे पाकिस्तान! 2027 SAF Games में हिस्सा लेने पर बनी सहमति, 23 साल बाद पड़ोसी देश में खेलेंगे भारतीय खिलाड़ी

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक रिश्तों के बीच खेल के मैदान से बड़ी खबर सामने आई है। भारत ने पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाले 2027 साउथ एशियन फेडरेशन (SAF) गेम्स में हिस्सा लेने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। इस फैसले के बाद भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान दौरे का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। क्षेत्रीय बहु-खेल प्रतियोगिता में भारत की भागीदारी को दोनों देशों के खेल संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 SAF Games का आयोजन पाकिस्तान में किया जाना है। प्रतियोगिता में दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान इससे पहले 2004 में इस प्रतियोगिता की मेजबानी कर चुका है। ऐसे में करीब 23 साल बाद एक बार फिर पाकिस्तान में होने वाले इस क्षेत्रीय खेल आयोजन में भारतीय खिलाड़ियों के पहुंचने की संभावना ने खेल जगत में चर्चा तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, भारत की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। भारतीय दल से संबंधित जानकारी जनवरी 2027 में आयोजकों को उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम रूप से खिलाड़ियों की सूची, खेलों में भारत की भागीदारी और यात्रा से जुड़े अन्य विवरण बाद में तय किए जाएंगे।

SAF Games क्यों हैं महत्वपूर्ण?
साउथ एशियन गेम्स दक्षिण एशिया के देशों के बीच खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर देते हैं। इसमें एथलेटिक्स, तैराकी, बैडमिंटन, कुश्ती, बॉक्सिंग, शूटिंग समेत कई खेल शामिल होते हैं। भारत इस प्रतियोगिता में ऐतिहासिक रूप से सबसे सफल देशों में रहा है और उसके खिलाड़ी बड़ी संख्या में पदक जीतते रहे हैं।

2027 संस्करण को लेकर पहले भी कई बार तारीखों और आयोजन से जुड़ी अनिश्चितताएं रही हैं। अब उपलब्ध जानकारी के अनुसार पाकिस्तान प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा और आयोजन अप्रैल 2027 में प्रस्तावित है।

भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों की तरह अन्य खेलों में भी दोनों देशों की भिड़ंत को लेकर काफी उत्सुकता रहती है। हालांकि दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों का असर अक्सर खेल आयोजनों पर भी दिखाई देता है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का पाकिस्तान जाकर बहु-खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना अपने आप में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खेलों को दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और सकारात्मक संवाद का माध्यम भी बनाया जा सकता है। हालांकि खिलाड़ियों की सुरक्षा, यात्रा व्यवस्था और आयोजन की परिस्थितियां इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण रहेंगी। भारत की अंतिम भागीदारी इन सभी पहलुओं और संबंधित सरकारी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।

पाकिस्तान के लिए भी भारत की भागीदारी आयोजन की अहमियत बढ़ा सकती है। भारत क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में खिलाड़ी भेजता है और उसके एथलीटों का प्रदर्शन हमेशा आकर्षण का केंद्र रहता है। भारतीय दल की मौजूदगी से प्रतियोगिता का प्रतिस्पर्धात्मक स्तर और दर्शकों की दिलचस्पी दोनों बढ़ने की संभावना है।

गौरतलब है कि 2027 SAF Games में हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन को दक्षिण एशियाई देशों के बीच खेल सहयोग बढ़ाने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।